1) दुर्ग में करीब 13 हजार महिलाओं ने एक साथ 10 मिनट तक छत्तीसगढ़ का पारंपरिक सुआ नृत्य कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। इसके साक्षी करीब 20 हजार लोग बने। सुआ नृत्य छग की संस्कृति में अहम स्थान रखता है।
2) रविशंकर स्टेडियम में रविवार शाम 4.40 बजे से 4.50 तक हुआ ये आयोजन। एक राग, ताल में मांदर व झांझ की थाप में किया जाता है।
3) नृत्य करते समय प्रकृति की सुंदरता का बखान करने के साथ ही देवी-देवताओं की गाथा का वर्णन किया जाता है।
4) इस मौके पर सीएम डॉ. रमन सिंह, भाजपा नेत्री सरोज पांडेय भी मौजूद थी। पारंपरिक परिधान में सरोज पांडेय ने सीएम के साथ सुआ नृत्य किया। अंतरराष्ट्रीय कलाकार तीजन बाई भी मौजूद थीं।
5) धान के टोकरे में सुआ (मिठ्ठू) को रखा जाता है। भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की पूजा की जाती है। शिव विवाह का आयोजन किया जाता है। इसी दौरान सुआ नृत्य किया जाता है।
6) सुआ नृत्य को प्रदेश का गौरवशाली नृत्य माना जाता है और इसे विश्व स्तर पर पहचान मिले इसलिए ये आयोजन किया गया।
7) प्रदेश के विभिन्न अंचलों की महिलाएं कार्यक्रम में शामिल हुई। शहरी महिलाओं के साथ-साथ ग्रामीण महिलाएं भी भागीदार बनीं।
8) इस मौके पर एशियन हेडिंग गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधि मनीष विश्नोई ने रिकॉर्ड दिया।