
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर : सरगुजा जिले के लखनपुर और उदयपुर विकासखंड के दूरस्थ ग्रामों में चंगाई सभा की आड़ में मतांतरण कराने का आरोप लगाते हुए विश्व हिंदू परिषद ने पुलिस और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
विहिप प्रखंड अध्यक्ष हरिओम सोनी के नेतृत्व में सदस्यों ने मतांतरण के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए एसडीएम तथा थाना प्रभारी उदयपुर को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में ग्राम सायर तथा बडेगांव केदमा के रहने वाले कुछ लोगों पर आरोप लगाया गया है कि वे लंबे समय से क्षेत्र में चंगाई प्रार्थना सभा आयोजित कर भोले-भाले ग्रामीणों को मतांतरण के लिए प्रेरित कर रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2026 का उल्लंघन है।
इनके प्रलोभन और भय से संरक्षित जनजाति परिवारों के लोग मतांतरित हो रहे है। सभ्यता,संस्कृति से इन लोगों को सुनियोजित तरीक़े से अलग करने का प्रयास किया जा रहा है।
विहिप पदाधिकारियों का कहना है कि पूर्व में भी इन लोगों के विरुद्ध लिखित शिकायत की गई थी। उस दौरान इन्हें पकड़ा भी गया था, लेकिन थाने से समझाइश देकर छोड़ दिया गया। इसके बाद भी इनके कार्य व्यवहार में बदलाव नहीं आया।
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संगठन का कहना है कि हाल ही में हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने कथित रूप से मतांतरण कराने वालों से संपर्क कर समझाने का प्रयास किया था, लेकिन वे अपनी बात पर अड़े रहे। उनका कहना था कि वे अपने मत की अच्छाइयों का प्रचार कर रहे हैं, यह उनका संवैधानिक अधिकार है और यदि कोई उनकी बात सुनकर अपना मत त्याग देता है तो इसमें उनकी कोई गलती नहीं है।
विहिप ने मांग की है कि जनमानस में व्याप्त आक्रोश को देखते हुए कानूनी कार्रवाई कर समाज में उदाहरण प्रस्तुत किया जाए। साथ ही मतांतरण की अनुमति की प्रक्रिया स्पष्ट करने, मतांतरित हो चुके लोगों को एससी,एसटी की मिलने वाली सुविधाओं से वंचित करने के साथ ही मतांतरण के सुनियोजित षड्यंत्र को उजागर करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों से जांच की अनुशंसा की जाए। क्योंकि जिस तरीके से यह गतिविधियां संचालित हो रही हैं उसमें सुनियोजित साजिश की आशंका हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ज्ञापन के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।