
अंबिकापुर Ambikapur News । मंगलवार की सुबह अतिवृष्टि के कारण कुदरगढ़ में तबाही मच गई है। पहाड़ का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण बड़े-बड़े पत्थर नीचे गिर आए हैं। मुख्य प्रवेश द्वार के एक ओर की दीवार धराशाई हो गई है। रेलिंग क्षतिग्रस्त होने के साथ ही निर्माणाधीन प्रवेश द्वार भी धराशाई हो गया है। पहाड़ का पानी बाढ़ की शक्ल में बड़े-बड़े पत्थरों को साथ लेकर नीचे आ गया है। सीढ़ी के रास्ते बंद हो चुके हैं। ऊपर तक नहीं पहुंच पाने के कारण नुकसान का पूरा ब्यौरा सामने नहीं आ सका है।

सूरजपुर जिले के विकासखंड मुख्यालय ओड़गी से लगा कुदरगढ़ उत्तरी छत्तीसगढ़ का प्रमुख धार्मिक स्थल है। माता कुदरगढ़ी का धाम पहाड़ के ऊपर स्थित है। मां बागेश्वरी देवी लोक न्यास ट्रस्ट द्वारा यहां सारी व्यवस्थाओं का संचालन किया जाता है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विकास और निर्माण के ढेरों कार्य कराए गए हैं। हर वर्ष चैत्र नवरात्रि पर यहां मेला लगता है।वर्ष भर श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है। सरगुजा अंचल की आराध्य मां कुदरगढ़ी देवी धाम में अब चारों ओर तबाही का मंजर है।
मंगलवार सुबह से क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के कारण कुदरगढ़ पहाड़ का एक हिस्सा धराशाई हो गया। पहाड़ का पानी बाढ़ की शक्ल में बड़े-बड़े पत्थर को साथ लेते हुए सीढ़ी के रास्ते नीचे बहने लगा जिससे रास्ते में पड़ने वाले सारे विकास व निर्माण के कार्य धराशाई हो गए। कई स्थानों पर रेलिंग टूट गई।
बड़े-बड़े पत्थरों के कारण मेन गेट के बगल में अहाते का हिस्सा धराशाई हो गया। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य की वजह से पहाड़ के पानी के बहने की दिशा बदल गई है। सूरज धारा के नजदीक प्राकृतिक जलस्रोत को बंद कर पानी टंकी निर्माण के लिए दीवार खड़ी करा दी गई है, जिस कारण पहाड़ के पानी का प्राकृतिक बहाव बंद हो गया है।
मंगलवार सुबह हुई तेज बारिश की वजह से पहाड़ के पानी की दिशा बदल गई और वह सीढ़ियों के रास्ते मुख्य गेट से होते हुए नीचे सड़क तक आ पहुंची। कुदरगढ़ के मुख्य प्रवेश द्वार के पास भी बड़े-बड़े पत्थर आ गए हैं। सीढ़ियों में पत्थर गिरे रहने के कारण रास्ता भी जाम हो गया है।
अभी तक कोई भी व्यक्ति पहाड़ के ऊपर कुदरगढ़ धाम की प्रतिमा तक नहीं पहुंच पाया है इसलिए कुदरगढ़ धाम में हुए नुकसान की जानकारी सामने नहीं आ सकी है। क्षेत्र के जनपद सदस्य राजेश तिवारी ने बताया कि घटना सुबह 8 और 9 के बीच की है। सुबह अचानक क्षेत्र में तेज बारिश शुरू हो गई।
देखते ही देखते पहाड़ का पानी बाढ़ की शक्ल में नीचे बहने लगा। अभी क्षेत्र में बारिश हो रही है इसलिए नुकसान का पूरा ब्यौरा नहीं मिल सका है। ऊपरी तौर पर जो नजारा दिख रहा है उससे तय है कि नए सिरे से सारी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाना होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कराए गए कई विकास व निर्माण के कार्य क्षतिग्रस्त हुए हैं। बारिश थमने के बाद ही नुकसान का पूरा पता चल सकेगा।