बलौदाबाजार बस हादसे का दर्दनाक पहलू, रायपुर एम्स में इलाज कराने निकले थे दो दोस्त, 12 घंटे बाद ही घर पहुंची मौत की खबर
बलौदाबाजार के पास हुए भीषण बस हादसे में एम्स जा रहे दो दोस्तों और एक अनाथ हेल्पर सहित पांच की मौत हो गई। 14 घायल यात्रियों का रायपुर में इलाज जारी है।
Publish Date: Tue, 27 Oct 2026 08:25:08 AM (IST)Updated Date: Tue, 27 Oct 2026 08:25:08 AM (IST)
बलौदाबाजार बस हादसे का दर्दनाक पहलू। (नईदुनिया)HighLights
- एम्स रायपुर जा रहे दो दोस्तों की हादसे में मौत।
- हादसे में बस हेल्पर पवन ने भी गंवाई अपनी जान।
- सिमगा के पास खड़ी ट्रक से टकराई थी यात्री बस।
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर: रविवार शाम करीब पांच बजे वाड्रफनगर क्षेत्र के ग्राम सरना में दो घरों से हंसी-खुशी विदाई हुई थी। पड़ोसियों ने देखा था कि शमीम मोहम्मद और उसका दोस्त अतुल कुमार बैग टांगकर बस स्टॉप की ओर जा रहे हैं। घर वालों ने सोचा था एक-दो दिन में लौट आएंगे। लेकिन सोमवार सुबह जब परिवार सोकर उठा ही था कि मोबाइल की घंटी बजी और उधर से आवाज आई - बस का एक्सीडेंट हो गया है...।
बलरामपुर जिले के बलंगी से रायपुर जा रही यात्री बस सोमवार तड़के सिमगा के समीप ग्राम दरचुरा में सड़क किनारे खड़ी ट्रक से जा टकराई। इस भीषण हादसे में कुल पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 यात्री घायल हो गए। मृतकों में रघुनाथनगर थाना क्षेत्र के ग्राम सरना निवासी दो दोस्त शमीम मोहम्मद और अतुल कुमार तथा बलंगी निवासी बस का हेल्पर पवन देवांगन भी शामिल है।
इलाज के लिए निकला था शमीम, दोस्त भी साथ हो लिया
- ग्राम सरना निवासी शमीम मोहम्मद पिता मो. शाकिर (39) ग्रामीण बाजारों में घरेलू उपयोग की सामग्री बेचकर परिवार पालता था। उसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। कठिन परिश्रम से जीवन यापन कर रहा था। पिछले कुछ दिनों से उसके चेहरे पर संक्रमण हो गया था।
- स्थानीय डॉक्टरों को दिखाने पर आराम नहीं मिला तो उसने रायपुर एम्स में इलाज कराने की सोची।उसकी योजना सुनकर उसका जिगरी दोस्त अतुल कुमार पिता लाल बाबू (33) ने भी साथ चलने की इच्छा जताई। अतुल के भी दो छोटे बच्चे हैं। गांव से होकर रायपुर जाने वाली बस की सुविधा होने से दोनों ने एक साथ टिकट लिया।
योजना थी कि एम्स में इलाज कराकर एक-दो दिन में लौट आएंगे। रविवार शाम दोनों हंसते हुए निकले थे। घर से निकले 12 घंटे भी नहीं हुए थे कि मौत की खबर आ गई। खबर सुनते ही दोनों गांवों में कोहराम मच गया। स्वजन आनन-फानन में घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। यह भी पढ़ें- रायपुर में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच, 1.65 करोड़ की ठगी, एमडी और सीईओ पर एफआईआर दर्ज
मां-बाप खो चुका पवन अब लौटकर नहीं आएगा
- इस हादसे में तीसरा मृतक बलंगी निवासी हेल्पर पवन देवांगन (24) है। उसकी कहानी और भी मार्मिक है। जब पवन एक साल का था, तभी उसकी मां गुजर गई। कुछ साल बाद पिता भी चल बसे। मामा-मामी ने उसे पाल-पोसकर बड़ा किया। बड़ा होने पर वह बस में हेल्पर का काम करने लगा।
- हंसमुख और मिलनसार पवन को अपने ही गांव से रायपुर जाने वाली बस में काम मिल गया था। जिंदगी पटरी पर लौटने लगी थी। वह एक दिन के अंतराल में गांव आता-जाता था। इस बार रायपुर से लौटते समय वह बस की साफ-सफाई के कारण रिश्तेदारों से नहीं मिल पाया था। सोमवार सुबह हादसे में उसकी भी जान चली गई।
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दो दंपती व पिता-पुत्र घायल
- इस दुर्घटना में रामानुजनगर क्षेत्र से भी यात्री सवार थे। घायलों में सूरजपुर और बलरामपुर जिले के दो दंपती तथा पिता-पुत्र शामिल हैं। रामानुजनगर थाना क्षेत्र के ग्राम साल्ही आमगांव निवासी सविता केवट (21) व उसके पति बुधराम केवट (25), वाड्रफनगर क्षेत्र के ग्राम बेतों निवासी निर्मला यादव (52) व उनके पति दुलेश्वर यादव (54), वाड्रफनगर के बरतीकला निवासी अमन गुप्ता और उसके पिता कमल दास गुप्ता (59) शामिल हैं।
सभी का रायपुर में उपचार चल रहा है। समाचार लिखे जाने तक मृतकों के शव गांव नहीं पहुंचे थे।सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर से प्रतिदिन रात में रायपुर-दुर्ग के लिए बसें रवाना होती हैं। सुबह जल्दी पहुंचने की होड़ में इनकी रफ्तार काफी तेज रहती है।