
नईदुनिया प्रतिनिधि,अंबिकापुर : बलरामपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी एमआर यादव चार करोड़ 51लाख 66 हजार 159 रुपये के अनुचित भुगतान के आरोपों से घिर गए हैं। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर हुई जांच में समिति ने अपनी रिपोर्ट में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी को निलंबित करने तथा विभागीय खाते में जमा राशि के आहरण पर रोक लगाने की अनुशंसा की है।लगभग 300 पन्नों की जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई है।
बलरामपुर के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी एमआर यादव के विरुद्ध वित्तीय अनियमितता की लगातार शिकायतें मिल रही थी। खरीदी और भुगतान में गड़बड़ी की शिकायतों को देखते हुए कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने जांच समिति का गठन किया था। अपर कलेक्टर प्रमोद गुप्ता तथा जिला कोषालय अधिकारी दशरथ प्रसाद सोनी ने शिकायतों की जांच की।
संयुक्त संचालक शिक्षा कार्यालय से लेकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से दस्तावेज प्राप्त किए गए। जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों का बयान दर्ज किया गया। समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी एमआर यादव ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में व्यय हेतु प्राप्त शासकीय बजट की कुल राशि चार करोड़ 57 लाख 99 हजार 736 रुपये के विरुद्ध कुल राशि चार करोड़ 51 लाख 66 हजार 159 रुपये का अनुचित देयक तैयार कर नियम विरूद्ध भुगतान किया है।
व्यय में बरती गई अनियमितताओं को पूरी सूक्ष्मता से उजागर किया गया है। एमआर यादव के द्वारा गंभीर और व्यापक वित्तीय एवं सेवा-शतों के विपरीत कृत्यों, अनुचित पदोन्नति प्राप्त करने से संबंधित शिकायत के में उल्लेखित कदाचरण दस्तावेजी साक्ष्यों से प्रमाणित है।
शासकीय राशि रिश्तेदारों के खातों में अंतरित करने तथा अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने संबंधित आरोपों की जांच कोई साक्ष्य प्राप्त न होने तथा परीक्षण हेतु कोई दस्तावेज उपलब्ध न होने के कारण प्रतिवेदन में उल्लेखित नहीं किए जाने की जानकारी जांच टीम ने दी है।
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किसी भी बीईओ से नहीं लिया अभिमत
जांच टीम ने जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों का भी बयान लिया है। इसका उल्लेख जांच प्रतिवेदन में किया गया है। टीम ने कहा है कि विकास खंड शिक्षा अधिकारियों ने स्वच्छता सामग्री प्राप्त होना बताया है,लेकिन कहां से कब सामग्री प्राप्त हुआ है, किस दिनांक को प्राप्त हुआ किसी भी प्रभारी अधिकारी का हस्ताक्षर नहीं बताया गया है। साथ ही किस विद्यालय को कितनी सामग्री कब, कितनी संख्या में वितरित किया गया है, उसके वितरण के संबंध में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराया गया है।
सभी विकास खण्ड शिक्षा अधिकारियों द्वारा फर्नीचर सायकल, स्टेशनरी, व्यायाम सामग्री, खेल सामग्री के विषय में अपने बयान में कुछ भी नहीं बताया गया है। प्राप्त सामग्री की गुणवत्ता के विषय में भी यह बताया गया की उन्हें कोई जानकारी नहीं दिया गया है। किसी प्रकार की खरीदी के संबंध में विकास खंड शिक्षा अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं होने और न ही अभिमत लेने का उल्लेख जांच प्रतिवेदन में किया गया है।
निलंबन और खाता से राशि आहरण पर रोक लगाने की अनुशंसा
कलेक्टर को प्रेषित प्रतिवेदन में जांच टीम ने प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी एमआर यादव के विरूद्ध अनुशासनात्मक (निलंबन) एवं दण्डात्मक कार्रवाई किए जाने की अनुशंसा की है। साथ ही प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर के बैंक खाते में उपलब्ध राशि के आहरण पर तत्काल रोक लगाए जाने की भी अनुशंसा की गई है।
बलरामपुर के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी एमआर यादव पूर्व के पदस्थापना स्थलों में भी विवादित रहे हैं। उनके विरुद्ध पूर्व में भी कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं और जांच के दायरे से होकर उन्हें गुजरना पड़ा है। बलरामपुर शिक्षा विभाग में इस जांच प्रतिवेदन को लेकर खलबली मची है।
वर्जन
जांच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ है। उसी प्रतिवेदन के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी कर जबाब मांगा गया है। जबाब के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
चंदन संजय त्रिपाठी
कलेक्टर,बलरामपुर