
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिश्रामपुर: नशीले इंजेक्शनों की तस्करी के लिए तस्करों ने कार को ही छिपाने का ठिकाना बना लिया था। सीट कवर के भीतर और कार की बोनट में छिपाकर ले जाए जा रहे 450 नशीले इंजेक्शन बसदेई पुलिस ने वाहन जांच के दौरान बरामद किए हैं। पुलिस ने मौके से दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर तस्करी में प्रयुक्त कार भी जब्त की है। जब्त इंजेक्शनों की बाजार कीमत करीब ढाई लाख रुपये बताई गई है। प्रारंभिक पूछताछ में इंजेक्शन मध्यप्रदेश के बैढ़न से लाना बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आठ अक्टूबर को चौकी बसदेई की टीम ग्राम मसिरा में वाहन जांच कर रही थी। इसी दौरान भैयाथान की ओर से आ रही होंडा कंपनी की एसेन्ट कार क्रमांक सीजी 15 टीसी 0574 को संदेह के आधार पर रोककर जांच की गई।
वाहन में सवार लोगों से पूछताछ के दौरान संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस ने कार की तलाशी ली। जांच के दौरान सीट कवर खोलने पर प्लास्टिक के डिब्बे में 225 नग रेक्सोजेसिक इंजेक्शन मिले। इसके बाद कार की बोनट की तलाशी लेने पर वहां छिपाकर रखी बोरी से 225 नग एविल इंजेक्शन बरामद हुए। इस तरह पुलिस ने कुल 450 नशीले इंजेक्शन जब्त किए।
एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई
मामले में पुलिस ने सतपता के दर्रीपारा निवासी कृष्णा सोनवानी (34 वर्ष), पिता बहादूर राम सोनवानी और सूरजपुर के जेलपारा निवासी जितेंद्र शुक्ला उर्फ जीतू (30 वर्ष), पिता स्वर्गीय गरीब शुक्ला को गिरफ्तार किया है। दोनों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने इंजेक्शनों के साथ परिवहन में इस्तेमाल की जा रही कार भी जब्त की है।
इस कार्रवाई में बसदेई चौकी प्रभारी रघुवंश सिंह, प्रधान आरक्षक महेंद्र सिंह, आरक्षक महेंद्र प्रताप सिंह, विकास पटेल, देवदत्त दुबे, आदित्य यादव, अशोक केंवट, निलेश जायसवाल और सैनिक अनिल विश्वकर्मा की भूमिका रही।