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नशेड़ी ASI और आरक्षक को दुर्ग SSP ने किया सस्पेंड, इंसास राइफल को लावारिस छोड़ अंबिकापुर बस स्टैंड पर बेसुध थे दोनों

अंबिकापुर में कैदी शिफ्ट करने आए दुर्ग के एएसआई जीवन प्रकाश एक्का और आरक्षक ऋषिकांत त्रिपाठी शराब के नशे में प्रतीक्षा बस स्टैंड पर बेसुध मिले। उनकी स...और पढ़ें

By Asim Sen GuptaEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Tue, 20 Oct 2026 05:39:00 PM (IST)Updated Date: Tue, 20 Oct 2026 05:39:00 PM (IST)
नशेड़ी ASI और आरक्षक को दुर्ग SSP ने किया सस्पेंड, इंसास राइफल को लावारिस छोड़ अंबिकापुर बस स्टैंड पर बेसुध थे दोनों
दोनों पुलिसकर्मी, प्रतीक्षा बस स्टैंड में धुत मिले

HighLights

  1. शराब के नशे में बेसुध पड़े एएसआई और आरक्षक।
  2. इंसास राइफल लावारिस मिली, वीडियो वायरल।
  3. दुर्ग एसएसपी ने दोनों को निलंबित किया।

नईदुनिया प्रतिनिधि अंबिकापुर : अंबिकापुर में पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला वीडियो सामने आया है। दुर्ग जिले में पदस्थ एक सहायक उपनिरीक्षक और एक आरक्षक पर शराब के नशे में धुत होकर शहर के प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास पड़े मिले। दोनों दुर्ग से एक कैदी को शिफ्ट करने के लिए अंबिकापुर केंद्रीय जेल आए थे। इस दौरान उनकी सरकारी इंसास राइफल लावारिस हालत में पड़ी मिली।

इंटरनेट मीडिया पर वीडियो प्रसारित होते ही दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने सहायक उप निरीक्षक जीवन प्रकाश एक्का और आरक्षक ऋषिकांत त्रिपाठी को निलंबित कर दिया है।

रक्षित केंद्र दुर्ग में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक जीवन प्रकाश एक्का और आरक्षक ऋषिकांत त्रिपाठी को 17 अक्टूबर को दुर्ग से कैदी को लेकर अंबिकापुर भेजा गया था। एक वर्दी में था और दूसरा साधारण गणवेश में ही अंबिकापुर पहुंच गया था।


अगले दिन 18 अक्टूबर की सुबह दोनों ने कैदी को केंद्रीय जेल में शिफ्ट करा दिया। इसके बाद वे प्रतीक्षा बस स्टैंड पहुंच गए। यहां उनकी नजर शासकीय शराब दुकान पर पड़ी। दोनों ने शराब खरीद कर सार्वजनिक स्थान पर ही इसका सेवन शुरू कर दिया। अत्यधिक नशे में दोनों जमीन पर ही लुढ़क गए। इनकी सरकारी इंसास राइफल वहीं एक बंद दुकान के पास पड़ी थी।

स्थानीय लोगों ने जब उन्हें नशे की हालत में सड़क किनारे और पास में ही सरकारी हथियार लावारिस पड़ा देखा तो हड़कंप मच गया।सार्वजनिक स्थान पर इस तरह इंसास राइफल पड़े होने की सूचना लोगों ने पुलिस को दी।इसी दौरान किसी ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।

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दुर्ग एसएसपी ने दोनों को किया निलंबित

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल के निर्देश पर बस स्टैंड चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और लावारिस हालत में पड़ी इंसास राइफल को अपने कब्जे में लिया। दोनों पुलिसकर्मियों को भी मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसएसपी अग्रवाल ने दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल को वस्तुस्थिति से अवगत कराया।

दुर्ग एसएसपी ने सहायक उप निरीक्षक और आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इधर अस्पताल में चिकित्सकों ने दोनों की स्वास्थ्य जांच की। एल्कोहल का असर कम होने के बाद दोनों होश में आए। शाम को दोनों वापस दुर्ग के लिए रवाना हो गए।

पहले भी हो चुकी है ऐसी घटनाएं

पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी केवल कैदी को सुरक्षित जेल तक पहुंचाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि सरकारी हथियारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उनके कर्तव्य में शामिल है। कैदी शिफ्ट करने जैसी संवेदनशील ड्यूटी के दौरान नशे में गिरे होने और इंसास जैसी घातक राइफल को लावारिस छोड़ने के कारण ही इन्हें निलंबित किया गया है।इसके पूर्व भी दूसरे जिलों से बंदियों को पेशी पर लाने अथवा जेल शिफ्ट कराने की प्रक्रिया में पुलिसकर्मियों के शराब के नशे में घूमने की घटनाएं शहर में हो चुकी है ।

नशे में कुर्सी से नीचे लुढ़क गए एएसआइ

प्रतीक्षा बस स्टैंड के व्यवसायियों ने बताया कि दोनों पुलिस कर्मचारी शराब सेवन के दौरान लगातार वर्दी का भी धौंस दिखाते रहे। जब तक वे नशे में नहीं थे तब तक व्यवसायी भी उन्हें कुछ नहीं बोल पा रहे थे। छोटे दुकानदारों के दुकानों के आसपास खुलेआम वे शराब का सेवन करते रहे।

छोटे कारोबारियों का व्यवसाय भी प्रभावित हुआ क्योंकि दोनों पुलिसवालों के आक्रामक व्यवहार से कोई वहां जाना ही नहीं चाह रहा था। आखिरकार इन्होंने इतने शराब का सेवन किया कि बेसुध हो गए। एएसआइ कुर्सी से नीचे लुढ़क गए और आरक्षक वहीं जमीन पर पड़ा रहा।