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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राशन दुकान समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित 6 मिलकर 'डकार गए' 65 लाख का अनाज, FIR दर्ज

अंबिकापुर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली तहत चलने वाले 3 राशन दुकानों का घोटाला सामने आया है। संबंधित संचालकों ने मिलकर 65 लाख रुपये के हेराफेरी को अंजाम...और पढ़ें

By Roman TiwariEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Wed, 08 Oct 2025 08:35:23 AM (IST)Updated Date: Wed, 08 Oct 2025 08:40:46 AM (IST)
राशन दुकान समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित 6 मिलकर 'डकार गए' 65 लाख का अनाज, FIR दर्ज
65 लाख का राशन घोटाला उजागर

HighLights

  1. अंबिकापुर में 65 लाख का राशन घोटाले का खुलासा
  2. सितंबर 2022 से 31 मार्च 2024 तक किया गया गबन
  3. 64,94,120.67 रुपये के खाद्यान्न का गबन किया गया

नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अंबिकापुर शहर में संचालित तीन शासकीय उचित मूल्य दुकानों में लगभग 65 लाख का राशन घोटाला उजागर हुआ है। खाद्य निरीक्षक शिव कुमार मिश्रा की शिकायत पर जनकल्याण खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति घुटरापारा के अध्यक्ष,उपाध्यक्ष सहित छह लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी कराई गई है।

समिति अंबिकापुर शहर में तीन उचित मूल्य राशन दुकानों का संचालन करती थी। इन दुकानों में लगातार गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आ रही थीं। समिति के अध्यक्ष पवन सिंह, उपाध्यक्ष सुनिता पैकरा, सहायक विक्रेता फरहान सिद्धीकी, प्रिंस जायसवाल, सैफ अली और मुकेश यादव की देखरेख में उचित मूल्य राशन दुकानों का संचालन किया जा रहा था।


गड़बड़ी की शिकायतों की जांच कलेक्टर विलास भोसकर ने कराई तो आरोप प्रमाणित पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि गरीबों का राशन खुले बाजार में बेचकर आरोपितों द्वारा अवैध कमाई की जा रही थी।

जांच में हुआ खुलासा

एक सितंबर 2022 से 31 मार्च 2024 तक संचालित तीनों शासकीय उचित मूल्य दुकानों में चावल, शक्कर और चना की भारी कमी पाई गई। जांच में चावल 1631.29 क्विंटल (मूल्य 61,62,267.96 रुपये ), शक्कर 10.43 क्विंटल (49,160.62 रुपये) तथा चना 48.34 क्विंटल (2,92,692.09 रुपये) का कम पाया गया। कुल मिलाकर 64,94,120.67 के खाद्यान्न का गबन सामने आया।

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इन लोगों के खिलाफ होगी कार्रवाई

प्रकरण में समिति अध्यक्ष पवन सिंह , उपाध्यक्ष सुनिता पैकरा, सहायक विक्रेता फरहान सिद्धीकी, प्रिंस जायसवाल, सैफ अली और मुकेश यादव को आरोपित बनाया गया है। इनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा के तहत अपराध पंजीकृत किया गया है।