
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर : शहर में 22 लाख रुपये की ठगी के प्रकरण में साइबर रेंज थाना सरगुजा को सफलता मिली है। पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा के निर्देश पर साइबर रेंज थाना की टीम ने महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश तक पीछा कर पांच अंतरराज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपित खुद को टेलीकॉम विभाग और दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताकर लोगों को डरा-धमकाकर ठगी करते थे। गिरफ्तार आरोपितों में अर्जित विश्वकर्मा, हर्ष सिंह, उजेर युसुफ शेख ,साहिल सिंह ठाकुर और कार्तिक निकम शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि अंबिकापुर के गांधीनगर निवासी प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पास एक काल आया, जिसमें कालर ने खुद को टेलीकाम विभाग का अधिकारी बताया। उसने कहा कि प्रार्थी के नाम पर फर्जी सिम चालू है और इसकी शिकायत दिल्ली पुलिस में की गई है। इसके बाद दूसरे आरोपित ने वीडियो काल कर खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताते हुए प्रार्थी के खाते में अवैध लेन-देन होने की बात कहकर धमकाया।
रिजर्व बैंक से जमा राशि का वेरिफिकेशन कराने के नाम पर अलग-अलग बैंकों के खाते उपलब्ध कराकर प्रार्थी से कुल 22 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा ने प्रकरण की अग्रिम विवेचना साइबर रेंज थाना को सौंपी। नोडल अधिकारी साइबर रेंज थाना नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल (आइपीएस) के मार्गदर्शन में टीम गठित कर तकनीकी जानकारी के आधार पर टीम को भोपाल और महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों के लिए रवाना किया गया।
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बैंक खाते बेचने से लेकर क्रिप्टो में बदलने तक का था नेटवर्क
विवेचना में पता चला कि ठगी की राशि साहिल ठाकुर निवासी नर्मदापुरम मध्यप्रदेश के खाते में गई थी। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसने अपना खाता कार्तिक निकम को बेच दिया था।
कार्तिक निकम को पकड़ने पर पता चला कि वह अलग-अलग लोगों से बैंक खाते इकट्ठा कर उसकी पूरी किट सिम के साथ बस से भोपाल भेजता था। वह टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ा हुआ था। जांच में इस तथ्य की पुष्टि हुई कि साहिल ठाकुर के खाते से ठगी की राशि उजेर शेख के खाते में ट्रांसफर हुई थी।
उजेर शेख ने पूछताछ में बताया कि उसने सेल्फ चेक के माध्यम से राशि आहरित की थी। इसके बाद पुलिस ने दो अन्य आरोपित अर्जित विश्वकर्मा और हर्ष सिंह की पतासाजी की। इनका काम विभिन्न लोगों से बैंक खाते लेकर ठगी की राशि उनमें डलवाना और फिर मुख्य आरोपितों को यूएसडीटी क्रिप्टो करंसी में बदलकर देना था।
आरोपित टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से जुड़े थे। वे आम लोगों को ऊंची दर पर यूएसडीटी क्रिप्टो खरीदने का लालच देते थे। लालच में लोग क्रिप्टो बेचते थे और ठगी की राशि उनके खाते में आने से उनके खाते होल्ड हो जाते थे और वे भी सहआरोपित बन जाते थे। इस प्रकार संगठित रूप से कमीशन देकर बैंक खाते लिए जा रहे थे और ठगी की रकम को क्रिप्टो में बदला जा रहा था।
नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश
पुलिस ने बताया कि प्रकरण अभी विवेचनाधीन है और अन्य आरोपितों की तलाश जारी है पुलिस ने अपील की है कि अपना बैंक खाता, एटीएम, पासबुक किसी को भी उपलब्ध न कराएं, नहीं तो आप भी इस अपराध में सहभागी बन जाएंगे। साथ ही ऑनलाइन जमा और क्रिप्टो करंसी में सोच-समझकर पैसा लगाएं।
आपकी एक चूक और लालच आपकी मेहनत की कमाई को अपराध की कमाई में बदल सकती है और आपको भी आरोपित बना सकती है। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक अश्वनी सिंह, प्रधान आरक्षक अमित निकुंज, आरक्षक अमरेंद्र सिंह, इम्तियाज अली और दिग्पाल सिंह की भूमिका रही।
ये हैं गिरफ्तार आरोपित