
नईदुनिया प्रतिनिधि,अंबिकापुर। शहर के थाना गांधीनगर क्षेत्र में 15 जनवरी की शाम दुकान से लौट रही एक युवती का कार सवार चार युवकों ने सरेराह अपहरण कर लिया। युवती को घर के पास रास्ता रोककर जबरन कार में बैठाया गया। युवती की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और शोर मचाया, लेकिन आरोपित तेज रफ्तार कार से युवती को लेकर फरार हो गए।
सूचना मिलते ही सरगुजा पुलिस हरकत में आई और चंद घंटों के भीतर युवती को सकुशल बरामद कर लिया। शादी से इनकार करने पर मुख्य आरोपित रामप्रसाद तंवर (32) निवासी भवानीपुरा थाना भोजपुर जिला राजगढ़ मध्यप्रदेश ने तीन अन्य साथियों के साथ युवती का अपहरण किया था।
इन सभी को मध्यप्रदेश की सीमा से लगे मनेन्द्रगढ़ थाना क्षेत्र में पकड़ा गया। मुख्य आरोपित से युवती का इंस्टाग्राम के माध्यम से परिचय हुआ था। वह शादीशुदा था। इस कारण युवती ने विवाह से इनकार कर दिया था। घटना में संलिप्त अन्य आरोपितों में लालचंद्र पिता मदनलाल (26) निवासी भौईकला थाना वालंता, जिला झालावाड़
मध्यप्रदेश,कमलेश तंवर पिता अमरसिंह (19 ) निवासी राजगढ़ थाना राजगढ़ मध्यप्रदेश तथा भंवरलाल पिता रामसिंह (22) निवासी विडीवैड थाना भोजपुर जिला राजगढ़ मध्यप्रदेश शामिल हैं। आरोपितों के कब्जे से अपहरण में प्रयुक्त कार और चार मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। आरोपितों के विरुद्ध थाना गांधीनगर में अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया।
युवती अंबिकापुर के तुर्रापानी में किराए के मकान में रहकर एक फर्नीचर दुकान में काम करती थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के दौरान युवती खुद को बचाने के लिए चिल्ला रही थी। कुछ लोगों ने कार का पीछा करने का प्रयास भी किया, लेकिन आरोपित सरगंवा-सकालो रोड की ओर तेजी से भाग निकले। अपहरण में प्रयुक्त कार स्वीफ्ट डिजायर बताई गई।
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देश पर जिले के सभी आउटर मार्गों और सीमावर्ती जिलों में सघन नाकेबंदी कराई गई। थाना गांधीनगर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें आरोपित, युवती को जबरन कार में बैठाते हुए दिखाई दिए। साइबर सेल से मिली तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपित मनेन्द्रगढ़ मार्ग की ओर जा रहे हैं। इसके बाद मनेन्द्रगढ़ पुलिस को सतर्क किया गया। नाकेबंदी के दौरान थाना मनेन्द्रगढ़ पुलिस ने संदिग्ध कार को रोक लिया। कार में मौजूद युवती पुलिस को देखकर रोने लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित बाहर निकाला और चारों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपित रामप्रसाद तंवर का युवती से पूर्व से परिचय था। इंस्टाग्राम से दोनों की पहचान हुई थी। दोनों के बीच बातचीत और जान-पहचान बढ़ी, जिसके बाद आरोपित ने युवती को शादी का प्रस्ताव दिया। बाद में युवती को यह जानकारी मिली कि आरोपित पहले से शादीशुदा है। इस पर युवती ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। इसी बात से नाराज होकर आरोपित ने युवती को जबरन अपने साथ ले जाने की योजना बनाई और अपहरण की वारदात को अंजाम दिया।