
नईदुनिया प्रतिनिधि,अंबिकापुर। बुधवार को झारखंड निवासी एक मुस्लिम युवक सरगुजा जिले के लुंड्रा क्षेत्र की अनुसूचित जाति वर्ग की युवती से विवाह के उद्देश्य से अंबिकापुर न्यायालय परिसर पहुंचा था। स्टांप खरीदने के दौरान कुछ अधिवक्ताओं की नजर युवक-युवती पर पड़ी, जिसके बाद मामले की जानकारी शहर के कुछ युवाओं को दी गई। इसके बाद वे भी न्यायालय परिसर पहुंचे।
जानकारी लेने पर पता चला कि युवक झारखंड के महुआडांड का निवासी है। उसके जीजा का घर लुंड्रा क्षेत्र के उसी गांव में है, जहां की युवती है। जीजा के घर आना-जाना होने के दौरान युवक का युवती से परिचय हुआ था। युवक, युवती को विवाह के लिए अंबिकापुर लेकर आया था।
इस दौरान युवती के पिता भी उसके साथ मौजूद थे।जब युवती के पिता से पूछा गया कि क्या वे अपनी बेटी का विवाह मुस्लिम युवक से कर रहे हैं, तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई। उन्होंने बताया कि बेटी ने कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने के नाम पर उन्हें बुलाया था। वहीं युवती से बातचीत करने पर उसने विवाह करने से इनकार कर दिया।
इस बीच युवक को वहीं रोके रखा गया। युवती ने एसडीएम के नाम एक आवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें उल्लेख किया कि उस पर युवक द्वारा विवाह के लिए दबाव न बनाया जाए और वह शादी के लिए तैयार नहीं है। उसे बहलाकर शादी के लिए तैयार किया गया था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को लेकर थाने पहुंची, जहां पूछताछ के बाद युवती की इच्छा के अनुरूप उसे उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने युवक के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की।
थाना प्रभारी शशिकांत सिन्हा ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसका निराकरण कर लिया गया है। युवती को उसकी मंशा के अनुसार स्वजन को सौंप दिया गया है और युवक के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।उधर युवाओं ने इस पूरे घटनाक्रम को लव जिहाद की कोशिश निरूपित किया है।