अंबिकापुर के छात्रा आत्महत्या प्रकरण में एनएसयूआइ नेता गिरफ्तार, कांग्रेस पार्टी से भी किया गया निलंबित
अंबिकापुर में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा अंतरा शाह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी एनएसयूआइ नेता ज्ञान तिवारी को बीएनएस की धारा 108 के तहत गिरफ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 14 Sep 2026 04:03:47 PM (IST)Updated Date: Mon, 14 Sep 2026 04:03:47 PM (IST)
एनएसयूआइ नेता ज्ञान तिवारी गिरफ्तारHighLights
- छात्रा आत्महत्या मामले में पुलिस ने आरोपी ज्ञान तिवारी को दबोचा।
- मृतका को मोबाइल चैट और वीडियो के नाम पर धमकाने का है गंभीर आरोप।
- पुलिस ने दोनों के मोबाइल जब्त कर डिलीट की गई चैट रिकवर करने की प्रक्रिया शुरू की।
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर: शहर के पटपरिया में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा अंतरा शाह (19) की फांसी लगाकर आत्महत्या के मामले में पुलिस ने आरोपित एनएसयूआइ नेता ज्ञान तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित मुक्तिपारा अंबिकापुर का रहने वाला है। पुलिस ने उसके विरुद्ध बीएनएस की धारा 108 के तहत कार्रवाई की है।
मृतका अपने जीजा के घर रहकर पीजी कॉलेज में पढ़ाई करती थी। शनिवार की रात उसने घर के बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों ने एनएसयूआइ नेता ज्ञान तिवारी पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया था। जीजा नीलेश कुमार गुप्ता ने बताया था कि मृतका की सहेलियों से जानकारी मिली है कि छात्र नेता ने मोबाइल में कुछ चैट या वीडियो होने की बात कहकर उसे धमकाया था।
गांधीनगर थाना पुलिस ने मृतका और आरोपित दोनों के मोबाइल जब्त कर लिए हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों ओर से चैट डिलीट किया जा चुका था। पुलिस अब डिलीट चैट को रिकवर करने का प्रयास कर रही है। थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत सिन्हा ने बताया कि स्वजन के बयान और प्रारंभिक साक्ष्य के आधार पर केस दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार किया गया है। तकनीकी साक्ष्यों की जांच जारी है।
इधर मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने ज्ञान तिवारी को संगठन के विभिन्न पदों तथा कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। ज्ञान प्रकाश तिवारी एनएसयूआइ (भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन) संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा अंबिकापुर इकाई का उपाध्यक्ष था।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि ज्ञान तिवारी के विरुद्ध गंभीर आपराधिक केस दर्ज होने और 24 घंटे में कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं देने पर तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि तीन दिनों के अंदर संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं हुआ तो स्थायी निष्कासन की कार्रवाई की जाएगी। निलंबन अवधि में वह पार्टी के नाम, बैनर एवं पद का उपयोग किसी भी सार्वजनिक एवं निजी मंच पर नहीं कर सकेगा।