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क्राइम ब्रांच अफसर बन शिक्षिका को डराया, अश्लील फोटो के नाम पर ₹4.50 लाख की ठगी, सरगुजा पुलिस ने दर्ज की FIR

ठगों ने खुद को क्राइम ब्रांच रायपुर का अधिकारी बताकर कॉल किया और अश्लील फोटो देखने के झूठे आरोप में गिरफ्तारी की धमकी दी। फिर अलग-अलग किश्तों में कुल ...और पढ़ें

By Vinod ShriwashEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sun, 29 Mar 2026 07:24:03 PM (IST)Updated Date: Sun, 29 Mar 2026 07:24:03 PM (IST)
क्राइम ब्रांच अफसर बन शिक्षिका को डराया, अश्लील फोटो के नाम पर ₹4.50 लाख की ठगी, सरगुजा पुलिस ने दर्ज की FIR
ठगों ने 6 दिन में ऐंठ ली जीवनभर की जमापूंजी। (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. किश्तों में लिए 4.50 लाख रुपये, फिर दी धमकी
  2. ठगों ने 6 दिन में ऐंठ ली जीवनभर की जमापूंजी
  3. शिक्षिका की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज की FIR

नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। सरगुजा जिले में साइबर ठगों ने एक शिक्षिका को डर और बदनामी का भय दिखाकर लाखों रुपये ऐंठ लिए। ठगों ने खुद को क्राइम ब्रांच रायपुर का अधिकारी बताकर कॉल किया और अश्लील फोटो देखने के झूठे आरोप में गिरफ्तारी की धमकी दी। इस मानसिक दबाव का फायदा उठाते हुए उन्होंने अलग-अलग किश्तों में कुल चार लाख 50 हजार रुपये ठग लिए। जानकारी के अनुसार जिले के एक मिडिल स्कूल में पदस्थ शिक्षिका 19 मार्च 2026 को परीक्षा ड्यूटी के बाद घर लौट रही थीं, तभी उनके मोबाइल पर एक फोन आया।

गिरफ्तारी और बदनामी का भय दिखाकर वसूले पैसे

फोन करने वाले ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ ऑनलाइन अश्लील सामग्री देखने की शिकायत दर्ज है, जो कानूनन अपराध है और उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जा सकता है। यह सुनते ही शिक्षिका घबरा गईं। ठग ने स्थिति को और गंभीर बताते हुए कहा कि अगर गिरफ्तारी से बचना है तो सुरक्षा धन के रूप में रकम जमा करनी होगी, जो जांच के बाद लौटा दी जाएगी। डर और सामाजिक बदनामी के भय में आई शिक्षिका ने उनकी बातों पर भरोसा कर लिया। इसके बाद ठगों ने सुनियोजित तरीके से अलग-अलग तारीखों में यूपीआइ के जरिए पैसे ट्रांसफर कराए।


किश्तों में ली रकम और दी धमकी

19 मार्च से 25 मार्च के बीच कई किश्तों में रकम भेजी गई। इस दौरान कुछ रकम शिक्षिका के पति ने भी च्वाइस सेंटर के माध्यम से ट्रांसफर की। ठगी का सिलसिला यहीं नहीं रुका। 25 मार्च को ठगों ने फिर कॉल कर कहा कि तीन दिन बाद पैसे वापस कर दिए जाएंगे, लेकिन साथ ही यह भी धमकी दी कि यदि किसी को जानकारी दी तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। शिक्षिका ने जब इस पूरे मामले की जानकारी अपनी सहकर्मी शिक्षिकाओं को दी, तब उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, जांच शुरू

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मोबाइल नंबरों के विरुद्ध धारा 318(4) के तहत प्राथमिकी कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कॉल डिटेल और बैंक ट्रांजैक्शन के आधार पर आरोपितों की तलाश की जा रही है। इस घटना ने स्पष्ट किया है कि साइबर ठग अब लोगों की भावनाओं और डर को हथियार बनाकर वार कर रहे हैं।

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सावधान रहें: ऐसे करते हैं ठग वार

  • खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताना।
  • डर और बदनामी का भय दिखाना।
  • किसी को जानकारी न देने की धमकी देना।
  • जल्दी-जल्दी पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाना।

तत्काल शिकायत करें

  • ऐसे किसी भी कॉल पर तुरंत भरोसा न करें।
  • कोई भी रकम ट्रांसफर करने से पहले पुलिस या परिवार से सलाह लें।
  • संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें।