
नईदुनिया प्रतिनिधि,अंबिकापुर: भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की नाराजगी के बाद अंबिकापुर के खरसिया चौक से दरिमा मोड़ के बीच जर्जर सड़क की मरम्मत का काम गुरुवार को शुरू कर दिया गया। गड्ढों में बड़ी-बड़ी गिट्टियां डालकर उन्हें समतल किया जा रहा है। यह पहला मौका नहीं है जब इस तरह की मरम्मत हुई है। पहले भी इसी तरह गड्ढे भरे गए थे, लेकिन कुछ ही दिनों में सड़क फिर से बदहाल हो गई थी। वर्तमान में हो रहा काम भी दिखावे के अलावा कुछ नहीं है।
प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय बुधवार को संगठनात्मक गतिविधियों के लिए सीतापुर के रास्ते अंबिकापुर पहुंचे थे। सीतापुर शहर में लगभग दो किलोमीटर का राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बदहाल है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। यहां बाईपास का प्रस्ताव लंबित है, लेकिन न तो बाईपास बना और न ही शहर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत सुधरी है।
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जर्जर सड़क के कारण पवन साय को सीतापुर से दूसरे रास्ते से गुजरना पड़ा। अंबिकापुर सीमा पर दरिमा मोड़ के पास पहुंचते ही उन्हें फिर जर्जर सड़क मिली। पिछले दो वर्षों से यही स्थिति है। पहले भी प्रवास के दौरान उन्होंने सड़क सुधार के निर्देश दिए थे, लेकिन कोई काम नहीं हुआ।बुधवार शाम दरिमा मोड़ से खरसिया चौक तक गड्ढों में तब्दील सड़क पर हिचकोले खाते हुए वे सर्किट हाउस पहुंचे। यहां बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।

औपचारिक चर्चा के दौरान पवन साय ने सड़क की बदहाली पर नाराजगी जताई। सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के कार्यपालन अभियंता से मोबाइल पर बात कराई गई। अधिकारी ने कहा कि बारिश का सीजन है इसलिए काम शुरू नहीं हो पा रहा है। निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, बारिश बंद होते ही नव निर्माण शुरू होगा। खबर है कि पवन साय ने जिले के प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी से भी अंबिकापुर शहर की जर्जर सड़क को लेकर चर्चा की। पिछले दो वर्षों से सड़क की दुर्गति के बाद भी काम नहीं होने पर उन्होंने मंत्री के समक्ष नाराजगी जताई।
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प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने पदाधिकारियों से कहा कि "इनमें से कई लोग ठेकेदार हैं। आप लोगों की इच्छाशक्ति होती तो सड़क बन जाती।" उन्होंने पूछा कि कितने लोगों के पास एक्सीवेटर और अन्य मशीनरी है। कुछ पदाधिकारियों के पास संसाधन होने पर उन्होंने कहा, आप लोग ही पहल कर लीजिए। दो दिन अपने संसाधन और कुछ सामान लगा देंगे तो सड़क चलने लायक हो जाएगी।
प्रदेश संगठन महामंत्री की नाराजगी के बाद गुरुवार को खरसिया चौक से दरिमा मोड़ के बीच मरम्मत शुरू हुई। हाईवे से बड़ी-बड़ी गिट्टियां लाकर गड्ढों में भरी जा रही हैं और एक्सीवेटर से समतल किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मरम्मत एक-दो दिन की राहत दे सकती है, लेकिन भारी वाहनों को छोड़कर दोपहिया और चारपहिया चालकों के लिए गड्ढों में डाली गई बड़ी गिट्टियां खतरा बनेंगी।
इस बदहाल सड़क को लेकर लोग इंटरनेट मीडिया पर भी नाराजगी जता चुके हैं। पिछले दिनों सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अनूठा प्रदर्शन करते हुए गड्ढे में जमा पानी से नहाकर विरोध किया था। कलेक्टर अजीत वसंत ने भी सड़क का निरीक्षण किया था, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।