अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल से भेज दिया घर, रास्ते में ही छात्रा की मौत, मां की हालत गंभीर
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल से पंडो समुदाय की 16 वर्षीय छात्रा पूजा पंडो को मौखिक छुट्टी देकर घर भेजने का मामला सामने आया है। घर लौटते समय रास्ते म...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 17 Sep 2026 06:59:29 PM (IST)Updated Date: Thu, 17 Sep 2026 06:59:29 PM (IST)
मृतक पूजा पंडोHighLights
- अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज से गंभीर हालत में बिना लिखित कागजात के मौखिक छुट्टी देने का आरोप।
- निजी वाहन से घर ले जाते समय घाट पेंडारी के पास नाबालिग पूजा ने तोड़ा दम।
- ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की।
नईदुनिया प्रतिनिधि,अंबिकापुर: बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम चूनापाथर में विशेष पिछड़ी जनजाति पंडो समुदाय की 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा की इलाज के मौत हो गई। मृतक पूजा पंडो पिता धनपत पंडो, मिडिल स्कूल चूनापाथर में कक्षा आठवीं की छात्रा थी। मेडिकल कालेज अस्पताल से उसे घर भेज दिया गया था। छात्रा की मां की तबीयत भी खराब है।
स्वजन के अनुसार पूजा की तबीयत अप्रैल 2026 से खराब चल रही थी। आर्थिक तंगी के कारण स्वजन गांव में ही झोला-छाप चिकित्सकों से इलाज कराते रहे। तबीयत में सुधार नहीं होने पर हालत बिगड़ने लगी तो स्वजन 12 सितंबर 2026 को उसे शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर लेकर गए, जहां उसे भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।
स्वजन ने आरोप लगाया है कि 16 सितंबर की रात करीब 11 बजे चिकित्सक और स्टाफ ने मौखिक रूप से छुट्टी देकर उन्हें घर भेज दिया। परिजन निजी वाहन से उसे घर ले जा रहे थे। वाहन में उसकी बीमार मां सुनीता पंडो भी साथ थी। रास्ते में रात करीब 2:30 बजे घाट पेंडारी के पास पहुंचते-पहुंचते पूजा ने दम तोड़ दिया। वहीं मां सुनीता की तबीयत भी गंभीर बनी हुई है।
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स्वजन व ग्रामीणों का कहना है कि जब छात्रा की हालत गंभीर थी और मेडिकल कॉलेज में भर्ती कर इलाज चल रहा था तो चिकित्सकों ने छुट्टी क्यों दी? अगर छुट्टी नहीं दी जाती तो शायद उसकी जान बच जाती। उसे गहन चिकित्सा इकाई में रखकर इलाज करना था लेकिन सामान्य वार्ड में उसे रखा गया था।
स्वजन का कहना है कि छात्रा की तबीयत ठीक नहीं थी फिर भी उसे अस्पताल से छुट्टी देने के कारणों की जांच होनी चाहिए।घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोकार्रवाई और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।