
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर : राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबिकापुर में राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, उद्यमिता, स्वरोजगार और रचनात्मक शोध के प्रति जागरूकता लाना था। कार्यक्रम में 200 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र के सहायक प्रबंधक सर्वोदय कुमार साहू एवं प्रबंधक अश्विनी शुक्ला मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में नवाचार किसी भी देश की आर्थिक प्रगति, औद्योगिक विकास और सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। वैश्वीकरण और तकनीकी प्रगति के दौर में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि नए विचारों को विकसित करना और समस्याओं का रचनात्मक समाधान खोजना भी जरूरी है।
वक्ताओं ने समझाया कि नवाचार का अर्थ केवल नई मशीन या उत्पाद बनाना नहीं है, बल्कि किसी मौजूदा प्रक्रिया, सेवा या व्यवसाय को अधिक सरल, प्रभावी और किफायती बनाना भी नवाचार है। विद्यार्थियों के छोटे-छोटे विचार भी भविष्य में बड़े व्यावसायिक अवसरों का आधार बन सकते हैं। जरूरत है अपने आसपास की समस्याओं को समझने और उसके समाधान के लिए प्रयोग करने की।
कार्यक्रम में प्रभारी प्राचार्य डा एसएन पांडेय की उपस्थिति रही। आयोजन को सफल बनाने में डा उमेश कुमार पांडेय, डा तरुण कुमार राय, डा शम्भू तिर्की, डा बृजेश कुमार, आशुतोष कौशिक, देव प्रकाश दुबे एवं डा रश्मित कौर की भूमिका रही।
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सरगुजा में उद्यमिता की संभावनाएं
विशेष रूप से सरगुजा अंचल के संदर्भ में वक्ताओं ने कहा कि यहां स्थानीय संसाधनों, कृषि आधारित गतिविधियों, वन उत्पादों, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, डिजिटल सेवाओं पर आधारित व्यवसायों में काफी संभावनाएं हैं। छात्रों को अपने क्षेत्र की विशेषताओं को पहचानकर ऐसी व्यावसायिक अवधारणाओं पर काम करना चाहिए जिससे स्थानीय लोगों को लाभ हो और अर्थव्यवस्था मजबूत हो।
उन्होंने कहा कि छात्रों को केवल नौकरी प्राप्त करने तक अपनी सोच सीमित नहीं रखनी चाहिए, बल्कि रोजगार सृजन करने की दिशा में काम करना चाहिए। किसी भी विचार को सफल बनाने के लिए निरंतर प्रयास, उचित योजना, टीम भावना और सकारात्मक दृष्टिकोण जरूरी है।
सफल उद्यमिता के लिए बाजार की मांग, लागत, गुणवत्ता, ग्राहक संतुष्टि और वित्तीय प्रबंधन की समझ होना भी आवश्यक है, जो वाणिज्य एवं प्रबंधन के विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है।