बालोद। कांकेर जिले के अंतर्गत अंतागढ़ क्षेत्र में नक्सलियों के लाख बाधा डालने के बावजूद अब पैसेंजर ट्रेन चलेगी। 13 अगस्त से इसकी शुरुआत हो रही है। फिलहाल रावघाट परियोजना के तहत बालोद जिले से कांकेर जिले के केवटी तक ट्रेन की सुविधा मिल रही थी। लेकिन अब इसका विस्तार किया जा रहा है। इस आजादी के अमृत महोत्सव पर नक्सलियों के मांद से होकर अंतागढ़ तक ट्रेन चलाकर रेलवे एक नया इतिहास रचेगी।

ज्ञात हो कि यहां रेल लाइन बिछाने के दौरान नक्सलियों द्वारा कई अड़चनें पैदा की गई। काफी दि-तों का सामना और चुनौतियों से निपटते हुए सुरक्षा जवानों के साए में यहां पटरी बिछाने का कार्य किया जा रहा है। अब अंतागढ़ तक ट्रेन की सुविधा मिलने से कांकेर, बालोद जिले सहित दुर्ग और रायपुर जिले के यात्रियों को लाभ होगा। दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे रायपुर रेल मंडल के अंतर्गत रायपुर-केवटी डेमू स्पेशल एवं केवटी-दुर्ग डेमू पैसेंजर स्पेशल ट्रेन को 13 अगस्त से अंतागढ़ तक विस्तार किया जा रहा है। साथ ही रायपुर-केवटी डेमू स्पेशल एवं केवटी-दुर्ग डेमू पैसेंजर स्पेशल, दुर्ग-दल्लीराजहरा-दुर्ग डेमू पैसेंजर स्पेशल की समय सारणी में भी आंशिक परिवर्तन होगा। रेल यात्रियो की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन के द्वारा दुर्ग एवं केवटी के मध्य रायपुर केवटी डेमू स्पेशल एवं केवटी-दुर्ग डेमू पैसेंजर स्पेशल ट्रेन को 13 अगस्त से अंतागढ़ तक विस्तार किया जा रहा है एवं इस स्पेशल ट्रेनों की समय सारणी में आंशिक परिवर्तन किया जा रहा है । यह स्पेशल ट्रेन अंतागढ़ तक आगामी आदेश तक चलती रहेगी।

दुर्ग-दल्लीराजहरा-दुर्ग डेमू पैसेंजर स्पेशल ट्रेन की समय सारणी में 13 अगस्त से आंशिक परिवर्तन किया गया है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र अंतागढ़ तक ट्रेन से यात्रा सुविधा उपलब्ध होने पर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। दल्ली राजहरा- रावघाट रेल लाइन का काम सुरक्षा बलों की मौजूदगी में पूरा हो चुका है। 13 अगस्त को स्थानीय सांसद मोहन मंडावी अंतागढ़ से ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर इसकी शुरुआत करेंगे।

13 अगस्त को 12 बजे पहली ट्रेन होगी रवाना

कांकेर जिले के यात्रियों को आजादी के 75 वी वर्षगांठ स्वतंत्र दिवस से 2 दिन पहले कांकेर जिले के यात्रियों को ट्रेन सुविधा की सौगात मिलेगी। इसकी जानकारी देते हुए कांकेर लोकसभा के सांसद मोहन मंडावी ने कहा कि रेल मंत्रालय से यात्री ट्रेन अंतागढ़ तक चलाने के लिए मंजूरी मिल चुकी है। रेलवे द्वारा निर्धारित तिथि 13 अगस्त को दोपहर 12 बजे अंतागढ़ से ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।

यात्रियों को मिलेगी सुविधा, 50 प्रतिशत तक होगा लाभ

अंतागढ़ रेलवे स्टेशन से ट्रेन की शुरुआत होने से अंतागढ़ कांकेर नारायणपुर जिला जैसे सुदूर वनांचल के लोगों को रायपुर राजनांदगांव दुर्ग रायपुर बिलासपुर जाने में अब ट्रेन की सुविधा मिल सकेगी। इसके पूर्व अंतागढ़ से 17 किलोमीटर दूर केंवटी से रायपुर तक के लिए ट्रेन चल रही है। अब यात्रियों को अंतागढ़ पर ही रेल सुविधा मिल सकेगी। इसके साथ ही बस में दुर्ग पहुंचने के लिए 100 रुपये किराया देना पड़ता है, जो अब महज 50 रुपये में ही यात्रा की सुविधा मिलेगी।

ट्रायल के दौरान लोगों में दिखी थी गजब की खुशी अब सपना होगा पूरा

साल 2020 के अगस्त महीने में रेलवे ने ट्रायल ट्रेन चलाकर रेलवे ट्रैक का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान अंतागढ़ से दल्ली राजहरा तक ट्रेन चलाई गई थी। इस मौके पर लोगों में खुशियां देखने को मिली थी कि अब कांकेर जिले में भी ट्रेन सुविधा मिल सकेगी। आखिरकार रेलवे ने लोगों का इंतजार खत्म कर दिया है। नक्सलियों द्वारा इस ट्रेन के विस्तार योजना को रोकने के लिए कई प्रयास किए गए। लेकिन एसएसबी, बीएसएफ, और स्थानीय पुलिस बल के जवानों ने नक्सलियों के सभी प्रयास नाकाम कर दिए। नक्सल प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों का ट्रेन का सपना पूरा हो जाएगा।

रावघाट प्रोजेक्ट में भी आएगी तेजी

भिलाई इस्पात संयंत्र को अंतागढ़ से ट्रेन की सुविधा मिलने के बाद अब रावघाट प्रोजेक्ट में तेजी आएगी । भिलाई इस्पात संयंत्र फिलहाल आयरन ओर की कमी से जूझ रहा है। कांकेर के रावघाट से आयरन ओर (लौह अयस्क) ट्रेन के माध्यम से भिलाई इस्पात संयंत्र पहुंच सकेगा। जिससे बीएसपी के उत्पादन में वृद्घि होगी और बीएसपी को उधा गुणवत्ता का आयरन ओर मिल सकेगा। वर्तमान में दल्ली राजहरा माइंस से कम गुणवत्ता वाले आयरन ओर की सप्लाई की जा रही है। जिससे उत्पादन में कमी देखी जा रही है।

अब तक इस तरह हुआ विस्तार

साल 2016 में शुरू हुए इस विस्तार योजना में पहली बार दल्लीराजहरा से गुदुम तक 17 किलोमीटर की पटरी बिछाई गई। जिसके बाद साल 2018 में गुदुम से भानूप्रतापपुर तक 17 किलोमीटर की पटरी बिछाई गई। फिर तीसरे चरण में भानूप्रतापपुर से केवटी तक 8 किलोमीटर की पटरी बिछाने का काम साल 2019 से पूरा किया गया। वही केवटी से 17 किलोमीटर दूर अंतागढ़ तक पटरी बिछाने का काम साल 2020 में पूरा कर लिया गया। लेकिन ट्रेन की शुरुआत नही की जा सकी थी। अब ये 13 अगस्त हो शुरू होगा।

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