
नईदुनिया प्रतिनिधि, बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के सामरी से लगे झारखंड के ओरसा घाट बस दुर्घटना में मृतकों की संख्या 10 हो गई है। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल परशु सोनवानी (66) की अंबिकापुर के मिशन अस्पताल में मौत हो गई। बस में सवार लोगों में से 70 लोग घायल हैं। इन्हें अंबिकापुर के मेडिकल कालेज अस्पताल, जिला अस्पताल बलरामपुर तथा रांची, लातेहार और गुमला के अस्पतालों में भर्ती किया गया है। झारखंड के घटनास्थल के साथ ही महुआडांड़, लातेहार और गुमला के अस्पतालों में नौ लोगों की मौत हुई थी। रविवार देर रात बस दुर्घटना में घायल 24 लोगों को अंबिकापुर के मेडिकल कालेज अस्पताल में लाकर भर्ती किया गया है।
गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग परशु सोनवानी को मिशन अस्पताल अंबिकापुर लाया गया था। यहां जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सभी मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद बलरामपुर लाया गया है। यहां के शव गृह में सभी शवों को रखा गया है। मंगलवार को सभी का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस दुखद हादसे से बलरामपुर के झपरा, महाराजगंज, पीपरसोत में शोक का माहौल निर्मित हो गया है। झारखंड पुलिस और प्रशासन का पूरा सहयोग मिला। झारखंड के एंबुलेंस से भी घायलों को छत्तीसगढ़ के अस्पतालों में शिफ्ट किया गया।
बलरामपुर के ग्राम झपरा निवासी जयचंद की पुत्री का विवाह झारखंड के महुआडांड़ थाना क्षेत्र के ग्राम लोध निवासी राकेश सोनवानी के बेटे से तय हुआ है। लड़की पक्ष के लोग बलरामपुर के ज्ञान गंगा पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल की बस को किराए में लेकर सगाई के लिए जा रहे थे, उसी दौरान यह हादसा हो गया था। मृतकों में कन्या के दादा सहित नजदीकी रिश्तेदार भी शामिल हैं। इस हादसे से सगाई और शादी की खुशियां मातम में बदल गई है।
बस दुर्घटना में मृत परशु सोनवानी के पुत्र जनक सोनवानी ने बताया कि रविवार सुबह लगभग सात बजे वे लोग बलरामपुर से स्कूल बस को लेकर ग्राम झपरा पहुंचे थे। यहां से सभी रिश्तेदार और गांव के लोग बस में सवार होकर लोध गांव जा रहे थे। बस में लगभग 90 यात्री सवार थे। सामरी-महुआडांड़ मार्ग पर ओरसा घाट के पास बस सड़क किनारे सुरक्षा गार्ड को तोड़ते हुए पेड़ से टकरा गड्ढानुमा स्थल पर पलट गई थी।बस में सवार सभी यात्रियों को गंभीर चोट आई थी। तेज गति, खतरनाक मोड़ और क्षमता से अधिक यात्री ही दुर्घटना का कारण बना। हालांकि बस चालक ने दावा किया था कि ब्रेक फेल हो जाने से हादसा हुआ था।
बस दुर्घटना में सीतापति देवी, प्रेमा देवी, रेशन्ती चेरवा, सूखना भुइयां, विजय नगेसिया, सोनमती निवासी पीपरसोत बलरामपुर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। वहीं उपचार के दौरान लीलावती सोनवानी निवासी महराजगंज बलरामपुर की लातेहार अस्पताल में मौत हो गई। इसके अलावा रमेश मणिका व फगुआ राम निवासी पीपरसोत बलरामपुर की गुमला जिला चिकित्सालय में तथा परशु राम सोनवानी निवासी पुराना कलेक्ट्रेट के बगल में बलरामपुर की मिशन अस्पताल अंबिकापुर में इलाज के दौरान मृत्यु हुई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने झारखंड के ओरसा घाट में बस दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस हृदयविदारक हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि शोक की इस घड़ी में छत्तीसगढ़ शासन पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस दुर्घटना में मृत 10 व्यक्तियों के स्वजन को पांच-पांच लाख तथा घायल व्यक्तियों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह सहायता राशि प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही तत्काल राहत एवं बीमा आदि से मिलने वाली राशि के अतिरिक्त होगी।
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मुख्यमंत्री साय ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दुर्घटना में घायल सभी व्यक्तियों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न हो तथा उन्हें बेहतर से बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही सड़क सुरक्षा के प्रति अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए हरसंभव और प्रभावी उपाय सुनिश्चित किए जाएं। मुख्यमंत्री साय ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।