
नईदुनिया प्रतिनिधि, बलरामपुर : रुपये वसूली के लिए प्रभारी प्रधान पाठक को धमकाने वाले बलरामपुर जिले के यूट्यूबर की चाल उल्टी पड़ गई। हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत निरस्त कर दी तो यूट्यूबर दीपक यादव को दो साथियों के साथ न्यायालय में आत्मसमर्पण करना पड़ा। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया है।
प्रकरण बलरामपुर जिले के थाना पस्ता क्षेत्र के शासकीय प्राथमिक शाला पुटसु का है। प्रभारी प्रधान पाठक रुकमण बारीक ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि यूट्यूबर दीपक यादव (23) टांगरमहरी बलरामपुर 10 हजार रुपये मांग रहा था। मना करने पर 25 अगस्त 2026 को दोपहर में उसके दो साथी श्रवण यादव(34) ग्राम पुटसू पस्ता और सूर्या यादव (20) निवासी वार्ड क्रमांक चार बलरामपुर स्कूल पहुंच गए।
बिना अनुमति वीडियो बनाने लगे और अभद्र व्यवहार किया। धमकी दी कि रुपये नहीं दिए तो वीडियो यूट्यूब-फेसबुक पर प्रसारित कर बदनाम कर देंगे और नौकरी से निलंबित करा देंगे।इसके बाद भी शिक्षक ने रुपये नहीं दिए। तब आरोपितों ने इसके बाद वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया। जानबूझकर स्कूल और शिक्षक के विरुद्ध दुष्प्रचार किया।
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शिक्षक का दावा है कि इससे व्यक्तिगत और सामाजिक प्रतिष्ठा के साथ विद्यालय की छवि भी प्रभावित हुई। रिपोर्ट पर थाना पस्ता में धारा 221, 351(2), 308(2), 356(3), 3(5) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस जांच शुरू होते ही तीनों आरोपित भाग गए। इधर पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों के कथन दर्ज किए, घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रसारित वीडियो के स्क्रीनशॉट की पेन ड्राइव जब्त की। शिक्षक की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज भी लिए गए।
इसी बीच आरोपित दीपक यादव ने हाईकोर्ट बिलासपुर में अग्रिम जमानत याचिका लगाई, जिसे न्यायालय ने निरस्त कर दिया। पुलिस का दबाब बढ़ने पर 14 अक्टूबर 2026 को तीनों आरोपितों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने न्यायालय से अनुमति लेकर गिरफ्तार किया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
बलरामपुर पुलिस ने अपील की है कि इंटरनेट मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी से करें। किसी की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाली सामग्री प्रसारित करने से पहले तथ्यों की सत्यता जांच लें। अवैध मांग या धमकी मिलने पर तत्काल नजदीकी थाने में सूचना दें।