
नईदुनिया न्यूज, बलरामपुर। बलरामपुर तहसील कार्यालय में पदस्थ लिपिक और चौकीदार पर दस्तावेज देने के एवज में अवैध पैसे मांगने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता टांगरमहरी निवासी दीपक यादव ने तहसील कार्यालय के सामने तख्ती लेकर धरना दिया। दीपक यादव का आरोप है कि दस्तावेज प्राप्त करने के लिए 500 की रिश्वत मांगी गई, जबकि सरकारी फीस केवल 10 रुपये थी। उनके पास 200 रुपये मौजूद थे और बाकी 300 रुपये वह अधिकारियों से भीख मांग कर देने के लिए धरने पर बैठे थे।
जानकारी के अनुसार, दीपक यादव ने अधिकार अभिलेख सेटलमेंट जैसे दस्तावेज निकालने के लिए लोक सेवा केंद्र में आवेदन किया और निर्धारित शुल्क जमा कर तहसील कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि दस्तावेज़ देने के दौरान लिपिक शिवनंदन पैकरा ने अतिरिक्त 500 रुपये की मांग की। युवक ने रिश्वत देने से इनकार किया और काम रोक दिए जाने की शिकायत की। भ्रष्टाचार से आहत दीपक यादव ने दोपहर लगभग 12 बजे धरना दिया, जो लगभग एक घंटे तक चला। उन्होंने हाथ में तख्ती लेकर लिखा, ''तहसील कार्यालय में 500 रेट फिक्स है, मेरे पास वीडियो प्रमाण भी हैं। सरकारी फीस 10 है, लेकिन काम के लिए 500 रुपये चाहिए। मेरे पास 200 रुपये हैं, बाकी 300 रुपये राजस्व अधिकारियों से भीख मांग कर देने की बात कही।
इस घटना के बाद चौकीदार का पैसे लेते हुए वीडियो प्रसारित होने पर प्रशासनिक जांच शुरू कर दी गई है। एसडीएम अभिषेक गुप्ता ने बताया कि जांच तहसीलदार के माध्यम से की जा रही है और दोषी पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। धरने के दौरान तहसीलदार ने खुद आकर लिखित शिकायत लेकर उचित कार्रवाई का आदेश दिया, जिसके बाद दीपक यादव ने धरना समाप्त किया।
इस मामले ने तहसील कार्यालय में पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी शिकायत की स्थिति में आधिकारिक माध्यमों से जानकारी दें। लिपिक और चौकीदार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।