
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिलाई: दुर्ग जिला मुख्यालय के एक मोहल्ले में रविवार देर रात आयोजित शराब की महफिल अचानक खौफनाक मोड़ पर पहुंच गई। इस पार्टी में पुलिस विभाग से जुड़े कुछ चर्चित अधिकारी-कर्मचारी, असामाजिक तत्व और कथित तौर पर कुछ सफेदपोश राजनीतिक कार्यकर्ता भी शामिल थे। शराब के नशे में सभी जाम पर जाम छलका रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पार्टी के दौरान बीयर की बोतल पकड़ाने की बात को लेकर बर्खास्त सिपाही और एक पुलिस इंस्पेक्टर के बीच कहासुनी शुरू हो गई। नशे की हालत में बर्खास्त सिपाही ने इंस्पेक्टर को बीयर की बोतल थमाई, जिसे इंस्पेक्टर ने अपनी शान के खिलाफ मानते हुए जमीन पर पटक दिया।
इसी बात से नाराज बर्खास्त सिपाही ने आवेश में आकर इंस्पेक्टर को जोरदार तमाचा जड़ दिया। थप्पड़ लगते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। गुस्से में आकर इंस्पेक्टर ने अपनी सर्विस रिवाल्वर निकाली और बर्खास्त सिपाही की ओर फायर कर दिया। गोली उसके बगल से निकल गई, जिससे वह बाल-बाल बच गया।
फायरिंग की आवाज सुनते ही महफिल में सन्नाटा पसर गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल बीच-बचाव कर दोनों को शांत कराया। इसके बाद मामले को दबाने की कोशिश की गई ताकि घटना बाहर न आए।
घटना के बाद यह भी चर्चा सामने आई कि जिस स्थान पर यह पार्टी हुई, वहां लगे CCTV कैमरों का फुटेज अगले ही दिन डिलीट कर दिया गया। इससे पूरे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है।
हैरानी की बात यह है कि घटना के बाद पता चला कि बर्खास्त सिपाही और इंस्पेक्टर एक-दूसरे को पहले से पहचानते तक नहीं थे। बर्खास्त सिपाही पर महादेव ऑनलाइन सट्टा चलाने का आरोप भी बताया जा रहा है।
पुलिस को घटना की सूचना मिली है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-विजय अग्रवाल, एसएसपी दुर्ग