
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिलाई। थाना सुपेला क्षेत्र में दर्ज दुष्कर्म और धमकी के बहुचर्चित मामले में फरार चल रहे आरोपित मोहम्मद आरिफ हुसैन को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित लंबे समय से विदेश में छिपा हुआ था और उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था।
दो जनवरी 2026 को वह दुबई से भारत लौटते समय कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट पर आव्रजन अधिकारियों की सतर्कता से पकड़ा गया। इसके बाद सुपेला पुलिस ने बैरकपुर सीजेएम कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे भिलाई लाया।
मामला थाना सुपेला में पीड़िता ने 15 अक्टूबर 2022 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मोहम्मद आरिफ हुसैन ने उससे शादी करने का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए।
बाद में जब उसने शादी की बात दोहराई तो आरोपित ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद पीड़िता मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई और उसने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपित की तलाश शुरू की, लेकिन तब तक वह भिलाई छोड़कर विदेश भाग चुका था। विवेचना के दौरान यह सामने आया कि आरोपित दुबई में रहकर काम कर रहा है और वहीं से संपर्क तोड़ चुका है।
पुलिस ने न्यायालय से अनुमति लेकर उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी कराया, ताकि भारत में प्रवेश करते ही उसे गिरफ्तार किया जा सके। इसके बाद से ही सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर उसकी जानकारी साझा कर दी गई थी।
दो जनवरी को जब आरोपित दुबई से कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचा, तो अधिकारियों के सिस्टम में उसके खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर का अलर्ट मिला।
अधिकारियों ने तत्काल उसे हिरासत में लेकर स्थानीय पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सुपेला थाना पुलिस की टीम कोलकाता रवाना हुई और बैरकपुर सीजेएम कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे भिलाई लाया गया।
थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपित मोहम्मद आरिफ हुसैन, पिता मोहम्मद शाकिर हुसैन, उम्र 32 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 4, कृष्णा नगर, ताज बिरियानी के पास, थाना सुपेला, जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़) है।
लंबे समय से फरार रहने के कारण मामले की विवेचना में कई बार बाधाएं आईं, लेकिन पीड़िता के बयान और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने लगातार निगरानी रखी और अंततः उसे पकड़ने में सफलता हासिल की।
पुलिस अब आरोपित से पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि उसने किन-किन लोगों की मदद से विदेश में शरण ली और क्या इस दौरान उसने कोई और अपराध किया। साथ ही, मोबाइल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच भी की जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
इस कार्रवाई को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल का कहना है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और चाहे आरोपित देश में हो या विदेश में, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकेगा। इस तरह के फरार आरोपित के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जैसे माध्यमों के जरिए अब फरार अपराधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।