
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। गंभीर आपराधिक मामलों में वैज्ञानिक साक्ष्य और प्रभावी विवेचना के दम पर आरोपितों को सजा दिलाने वाले 25 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को एसएसपी ने नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। इन विवेचकों की ओर से न्यायालय में पेश की गई मजबूत चार्जशीट के आधार पर पाक्सो, हत्या और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे मामलों में आरोपितों को 20 साल के कठोर कारावास से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा सुनाई गई।
एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि पुलिस की विवेचना में वैज्ञानिक तरीकों और इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों के इस्तेमाल को महत्वपूर्ण माना गया। विशेष और फास्ट ट्रैक अदालतों में गंभीर मामलों को मजबूती से प्रस्तुत करने वाले विवेचकों को उनके प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कृत किया गया।
इनमें तत्कालीन कोतवाली टीआइ देवेश सिंह राठौर का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। उन्हें चार अलग-अलग प्रकरणों में आरोपितों को सजा दिलाने पर सात हजार रुपये नकद पुरस्कार और सेवा पुस्तिका में विशेष प्रशंसा मिली।
निरीक्षक रजनीश सिंह को पाक्सो मामले में आजीवन कारावास की सजा दिलाने पर दो हजार रुपये, दामोदर मिश्रा को हत्या के मामले में उम्रकैद पर एक हजार रुपये और निलेश पाण्डेय को पाक्सो मामले में 20 साल की सजा पर एक हजार रुपये दिए गए। उप निरीक्षक रामनरेश यादव को एनडीपीएस मामले में चार आरोपितों को 15-15 साल की सजा दिलाने पर दो हजार रुपये मिले।
राज सिंह को हत्या में उम्रकैद, मीना ठाकुर को पाक्सो में 20 साल और जीएल चंद्राकर को पाक्सो में आठ साल की सजा के मामलों में एक-एक हजार रुपये दिए गए। इसके अलावा बसंत साहू को 900, संतरा चौहान और नारायण ठाकुर को 500-500 रुपये मिले।
एएसआइ शैलेंद्र सिंह, गुलाबचंद पटेल और रमेश ओरके को एक-एक हजार रुपये, देवेंद्र तिवारी को 800 तथा विजय शर्मा को 600 रुपये दिए गए। हेड कांस्टेबल रामायण सिंह और सत्यप्रकाश यादव को एक-एक हजार, भुवनेश्वर मरावी को 500 तथा रमेश आदिले और परमेश्वर ठाकुर को 200-200 रुपये का पुरस्कार दिया गया।
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