• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बिलासपुर

ससुर की आत्महत्या मामले में जौनपुरवासी दामाद पर चलेगा केस, हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका

बिलासपुर हाईकोर्ट ने जौनपुर निवासी पुनीत चतुर्वेदी की याचिका खारिज कर दी। सरगुजा के धौरपुर में ठेकेदार ओमप्रकाश उपाध्याय ने 20 सितंबर 2025 को आत्महत्य...और पढ़ें

By Kamlesh RajakEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 05:07:59 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 05:07:59 PM (IST)
ससुर की आत्महत्या मामले में जौनपुरवासी दामाद पर चलेगा केस, हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका
हाई कोर्ट

HighLights

  1. ससुर आत्महत्या मामले में दामाद पर चलेगा केस।
  2. सुसाइड नोट में दहेज प्रताड़ना का उल्लेख मिला।
  3. हाई कोर्ट ने दामाद की याचिका खारिज की।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर निवासी पुनीत चतुर्वेदी की याचिका छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने रद कर दी है। कोर्ट ने ससुर ओमप्रकाश उपाध्याय की आत्महत्या के मामले में आरोपित दामाद की प्राथमिकी और सत्र न्यायालय की कार्यवाही रद करने की याचिका निरस्त की। न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास और न्यायमूर्ति सुधीर कुमार की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।

घटना 20 सितंबर 2025 की है, जब सरगुजा जिले के धौरपुर स्थित ग्राम पंचायत भवन में पंचायत विभाग के ठेकेदार ओमप्रकाश उपाध्याय का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला था। मौके से मिले सुसाइड नोट और गवाहों के बयानों के अनुसार, दामाद पुनीत अपनी पत्नी सोनल को दहेज के लिए प्रताड़ित करता था।


आरोप है कि पुनीत ने पत्नी के नाम पर 10 लाख रुपये का कर्ज लिया था और ससुर को गारंटर बनाया था। दामाद द्वारा किस्तें जमा नहीं करने पर बैंक कर्मचारी ओमप्रकाश पर दबाव बना रहे थे। इस प्रताड़ना से तंग आकर ओमप्रकाश ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने 13 दिसंबर 2025 को पुनीत के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। पुनीत ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने की दलील दी थी, जबकि शासन ने सुसाइड नोट और गवाहों के बयानों का हवाला दिया।

यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट: पत्नी का इलाज और बच्चों की पढ़ाई, तबादले के खिलाफ अभ्यावेदन दे सकेंगे उप अभियंता

बचाव पक्ष ने कहा- आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रमाण नहीं

पुनीत चतुर्वेदी की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि पति-पत्नी के बीच वैवाहिक विवाद था। आरोपित ने वर्ष 2023 में अपनी पत्नी के कथित मित्र के खिलाफ उत्तर प्रदेश में भी शिकायत दर्ज कराई थी। बचाव पक्ष का कहना था कि जांच में ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला, जिससे यह साबित हो कि आरोपित ने ओमप्रकाश को आत्महत्या के लिए उकसाया। वहीं, शासन की ओर से बताया गया कि हाई कोर्ट पहले ही इसी मामले में प्राथमिकी रद करने की याचिका खारिज कर चुका है।

सुसाइड नोट और गवाहों के बयानों में आरोपित के खिलाफ आरोपों से जुड़ी सामग्री है। इसलिए आरोपपत्र और आगे की सुनवाई रद्द नहीं की जानी चाहिए।

पहले भी खारिज हो चुकी थी प्राथमिकी रद करने की याचिका

खंडपीठ ने पाया कि चार फरवरी 2026 को इसी मामले में प्राथमिकी रद्द करने की याचिका खारिज की जा चुकी है। उस आदेश को चुनौती दिए बिना दोबारा प्राथमिकी और आरोपपत्र रद करने की मांग करना स्वीकार्य नहीं है। कोर्ट ने गवाहों के बयानों और सुसाइड नोट का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसी सामग्री मौजूद है, जिसके आधार पर आपराधिक कार्य