बागवानी की डिग्री से नहीं मिलेगी कृषि अधिकारी की नौकरी, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने दिए सूची दोबारा बनाने के आदेश
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सहायक संचालक (कृषि) के पदों पर भर्ती को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि भर्ती विज्ञापन में तय की गई अनिवार्य योग्यताओं को प्रक्रिया शुरू होने के बाद बदला नहीं जा सकता।
Publish Date: Tue, 25 Aug 2026 08:25:01 PM (IST)Updated Date: Tue, 25 Aug 2026 08:25:01 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्रHighLights
- कृषि और बागवानी डिग्री विवाद पर हाईकोर्ट का स्पष्ट निर्देश।
- भर्ती विज्ञापन के नियम बीच में नहीं बदले जा सकते।
- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा और अहम फैसला।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुरः हाई कोर्ट ने सहायक संचालक (कृषि) की भर्ती को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब भर्ती विज्ञापन में कृषि में स्नातकोत्तर डिग्री को अनिवार्य योग्यता के रूप में निर्धारित किया गया था, तो चयन प्रक्रिया के दौरान बागवानी की डिग्री को कृषि के समकक्ष मानकर किसी उम्मीदवार को पात्र नहीं बनाया जा सकता।
विशेषज्ञ समिति की राय भी भर्ती की मूल पात्रता शर्त को बदलने का आधार नहीं बन सकती। जस्टिस सचिन सिंह राजपूत ने हितेश सोनकर की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद पात्रता के मानदंड नहीं बदले जा सकते। कोर्ट ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) को निर्देश दिया है कि पात्र उम्मीदवारों की अंतिम चयन सूची नए सिरे से तैयार की जाए।
यह मामला वर्ष 2020 में सहायक संचालक (कृषि) के पद पर हुई भर्ती से संबंधित है। विज्ञापन में स्पष्ट रूप से किसी मान्यता प्राप्त कृषि विश्वविद्यालय से कृषि में स्नातकोत्तर डिग्री को अनिवार्य योग्यता बताया गया था। भुजबल सिंह के पास बागवानी में स्नातकोत्तर डिग्री थी, लेकिन सीजीपीएससी ने विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर उनकी योग्यता को कृषि के समकक्ष मानते हुए चयन किया।
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हाई कोर्ट ने यह कहा
कोर्ट ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद खेल के नियम नहीं बदले जा सकते, जिससे अन्य पात्र उम्मीदवारों के अधिकार प्रभावित होते हैं। हितेश सोनकर ने दिव्यांग और ओबीसी श्रेणी के आरक्षण पर भी सवाल उठाया था, लेकिन कोर्ट ने उनकी दलील को स्वीकार नहीं किया।
कोर्ट ने भुजबल सिंह की याचिका खारिज कर दी, जबकि हितेश सोनकर की याचिका का उपरोक्त निर्देशों के साथ निपटारा किया गया।