• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • दिवाली पूजन 2026
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बिलासपुर

खेती में एआई का प्रयोग, मिट्टी में नमी घटते ही बजेगा अलार्म, सरकारी स्कूल के बच्चों का बड़ा कमाल

बिलासपुर के पंधी स्कूल के छात्र सुनील ने एआई स्मार्ट सेंसर मॉडल बनाया है, जो मिट्टी की नमी घटने पर किसान को अलर्ट भेजकर पानी और बिजली बचाएगा।

By kranti namdevEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Fri, 06 Nov 2026 09:17:20 PM (IST)Updated Date: Fri, 06 Nov 2026 09:17:20 PM (IST)
  • को पसंदीदा स्रोत बनाएं preferred source google
खेती में एआई का प्रयोग, मिट्टी में नमी घटते ही बजेगा अलार्म, सरकारी स्कूल के बच्चों का बड़ा कमाल
बाल वैज्ञानिक को प्रसस्तिपत्र देते प्राचार्य व शिक्षक

HighLights

  1. बिलासपुर के छात्र सुनील ने बनाया कृषि हेतु एआई आधारित स्मार्ट मॉडल।
  2. मिट्टी में नमी घटते ही ऑटोमैटिक अलर्ट से बचेगी पानी व बिजली।
  3. शिक्षिका माधुरी के मैथ्स पार्क संग दोनों मॉडल संभाग के लिए चयनित।

नईदुनिया प्रतिनिधि,बिलासपुर। ग्रामीण अंचल के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चे अब केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक को खेती-किसानी से जोड़कर भविष्य की समस्याओं का हल तलाश रहे हैं। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय पंधी के 11वीं के छात्र सुनील सिंह नायक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ऐसा स्मार्ट सेंसर माडल विकसित किया है, जो मिट्टी में नमी का स्तर कम होते ही तत्काल सूचना दे देगा। इस माडल से न केवल फसलों को सूखने से बचाया जा सकेगा, बल्कि खेतों में पानी और बिजली की भारी बर्बादी भी रुकेगी।

जिला स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में छात्र सुनील के इस एआई माडल ने निर्णायक मंडल को खासा प्रभावित किया। व्याख्याता तीशू शुक्ला के मार्गदर्शन में तैयार इस प्रोजेक्ट में माइक्रोकंट्रोलर और सायल माइस्चर सेंसर को एआई तकनीक से जोड़ा गया है। वर्तमान में किसान समय का अंदाजा लगाकर खेतों में पानी छोड़ देते हैं, जिससे अक्सर आवश्यकता से अधिक सिंचाई हो जाती है। सुनील के माडल की खासियत यह है कि यह जमीन के भीतर नमी के सटीक आंकड़े एकत्र करता है और तय मानक से नमी घटते ही किसान को अलर्ट भेजता है। इसके आधार पर स्वचालित मोटर पंप को चालू व बंद भी किया जा सकता है।


प्रदर्शनी में केवल छात्र ही नहीं, बल्कि शिक्षकों का नवाचार भी सराहा गया। विद्यालय की व्याख्याता माधुरी कौशिक ने प्राथमिक व माध्यमिक स्तर के बच्चों के लिए मैथ्स पार्क का लाइव माडल तैयार किया। उन्होंने ज्यामितीय आकृतियों और दैनिक जीवन के उदाहरणों को खेल से जोड़कर कठिन बीजगणित व रेखागणित के सूत्रों को बेहद सरल रूप में पेश किया। दोनों नवाचारों को जिले में क्रमशः द्वितीय व तृतीय स्थान मिलने के बाद अब संभाग स्तरीय विज्ञान मेले के लिए चयनित किया गया है।

यह भी पढ़ें- कार्यकाल पूरा होने पर तकनीकी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति के खिलाफ याचिका खारिज, हाई कोर्ट ने सुनाया फैसला

सेंसर्स से मिलेगा सटीक डेटा, बचेगी किसानों की लागत

छात्र सुनील के अनुसार माडल विशेष रूप से भूजल संकट और महंगे बिजली बिल से जूझ रहे किसानों के लिए उपयोगी है। खेत के अलग-अलग हिस्सों में लगाए गए एआई सेंसर मिट्टी की उर्वरता और आर्द्रता का रियल-टाइम डेटा प्रोसेस करते हैं। भविष्य में तकनीक को मोबाइल फोन से जोड़कर किसान घर बैठे यह जान सकेंगे कि किस फसल को कितने पानी की जरूरत है।

मैथ्स पार्क: खेल के मैदान में ज्यामिति का फार्मूला

व्याख्याता माधुरी कौशिक का मैथ्स पार्क माडल स्कूलों में बच्चों के भीतर से गणित का डर निकालने की दिशा में एक नया प्रयोग है। पार्क के झूले, पहिए और रास्तों को वृत्त, त्रिभुज, कोण और परिमाप के सिद्धांतों पर डिजाइन किया गया है। बच्चे खेलते-खेलते ही परिधि और क्षेत्रफल जैसे जटिल गणितीय समीकरणों को आसानी से समझ लेते हैं, जिससे रटने की प्रवृत्ति खत्म होती है।

एक क्लिक पर पढ़ें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की लेटेस्ट खबरें। Hindi News पढ़ें। MP News, Chhattisgarh news, आज का राशिफल और आज का मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पढ़ें।