अमेरिका में पति की पहली शादी को छिपाने और दहेज प्रताड़ना का आरोप, रद नहीं होगी एफआइआर
दुर्ग की महिला श्रद्धा मिश्रा द्वारा पति की पहली शादी छिपाने, अमेरिका में प्रताड़ित करने और दहेज मांगने के आरोप में दर्ज कराई गई एफआइआर को रद्द करने स...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 09:51:46 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 09:51:46 PM (IST)
HighLights
- पति की पहली शादी छिपाने और दहेज प्रताड़ना का मामला।
- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ एफआइआर रद्द की।
- कोर्ट ने कहा- जांच शुरुआती चरण में, विस्तृत पड़ताल जरूरी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: पति की पहली शादी और तलाक की जानकारी छिपाने, दहेज के लिए प्रताड़ित करने और मारपीट के आरोपों से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पति समेत छह आरोपितों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद करने से इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि प्राथमिकी में आरोपितों के खिलाफ विशिष्ट आरोप लगाए गए हैं और जांच अभी शुरुआती चरण में है। ऐसे में तथ्यों की विस्तृत जांच किए बिना प्राथमिकी रद करने का आधार नहीं बनता।
जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास और जस्टिस सुधीर कुमार की पीठ ने याचिका खारिज कर दी। दुर्ग जिले के रिसाली, भिलाई निवासी श्रद्धा मिश्रा ने पुलिस में शिकायत की थी कि 12 फरवरी 2024 को पुलगांव, दुर्ग स्थित अनंता ग्रीन में हिंदू रीति-रिवाज से उनकी शादी अंकित रावत से हुई थी। आरोप है कि शादी से पहले अंकित को अविवाहित, आर्थिक रूप से संपन्न और अमेरिका के न्यू जर्सी में मकान का मालिक बताया गया, जबकि उसकी पहले शादी हो चुकी थी और तलाक भी हो गया था।
शिकायत के अनुसार, शादी में मायके पक्ष ने करीब 10 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण और अन्य सामान दिया था। इसके बावजूद कम दहेज लाने को लेकर ताने दिए गए और अतिरिक्त पैसों की मांग की गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि अमेरिका में पति के साथ रहने के दौरान श्रद्धा को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी गई। गर्भावस्था और बेटी के जन्म के बाद भी उत्पीड़न जारी रहा।
28 अप्रैल 2026 को ससुर के नाबालिग बच्ची को गोद में लेकर शराब पीने पर आपत्ति जताने के बाद विवाद और मारपीट होने का आरोप है। बाद में श्रद्धा को बेटी के साथ भारत भेज दिया गया। महिला थाना, दुर्ग में शिकायत के बाद 18 अगस्त 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 85 और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
आरोपितों ने दी ये दलील
याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि अंकित और श्रद्धा का विवाह अमेरिका के न्यू जर्सी में हुआ था। यह भी दावा किया गया कि पहली शादी और तलाक की जानकारी श्रद्धा को पहले से थी। पति के कुछ रिश्तेदारों को मामले में अनावश्यक रूप से फंसाने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी रद करने की मांग की गई। वहीं, राज्य शासन ने दलील दी कि शिकायत में पहली शादी की जानकारी छिपाने, दहेज मांगने और प्रताड़ना के संबंध में सभी आरोपितों की भूमिका को लेकर आरोप हैं।
अमेरिकी मैरिज सर्टिफिकेट के आधार पर रद नहीं होगी एफआइआर
पीठ ने कहा कि विवाह कहां हुआ, यह विवादित तथ्य है। केवल अमेरिका का विवाह प्रमाणपत्र पेश करने से प्राथमिकी रद नहीं की जा सकती। इसके लिए विश्वसनीय साक्ष्य से तथ्य स्थापित करना होगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लेख करते हुए कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच के शुरुआती चरण में आरोपों और साक्ष्यों का मुकदमे की तरह विस्तृत मूल्यांकन नहीं किया जा सकता। प्राथमिकी रद करने का आधार नहीं मिलने पर याचिका खारिज कर दी गई। कोर्ट ने साफ किया कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई राय नहीं दी है और जांच एजेंसी कानून के अनुसार जांच जारी रखेगी।
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