प्रेमी की हत्या करने वाली युवती की जमानत खारिज: कोर्ट ने कहा- अपराध जघन्य, राहत देने से किया इनकार
बिलासपुर में प्रेमी की हत्या के मामले में आरोपी रोशनी सूर्यवंशी की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने वारदात को जघन्य और गंभीर मानते हुए उसे राहत देने से इनकार कर दिया है। घटना 3 फरवरी 2026 को नंदन विहार मंगला में हुई थी।
Publish Date: Thu, 16 Jul 2026 11:14:29 AM (IST)Updated Date: Thu, 16 Jul 2026 11:14:29 AM (IST)
प्रतीकात्मक चित्रHighLights
- रोशनी को कोर्ट से नहीं मिली राहत।
- न्यायिक हिरासत में रहेगी रोशनी।
- कोर्ट ने आरोपी युवती को जेल भेजा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में अपने ही प्रेमी की चाकू घोंपकर हत्या करने वाली आरोपित युवती की जमानत अर्जी को न्यायालय ने खारिज कर दिया है। दशम अपर सत्र न्यायाधीश आदित्य जोशी ने मामले की गंभीरता और घटना की भयावहता को देखते हुए आरोपी रोशनी सूर्यवंशी को राहत देने से इनकार कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वारदात तीन फरवरी 2026 की है। मृतक कामता प्रसाद मधुकर नंदन विहार मंगला स्थित एक किराए के मकान में अपने सहकर्मियों के साथ रहता था। सुबह करीब 11 बजे जब वह अपने कमरे में आराम कर रहा था, तभी रोशनी सूर्यवंशी वहां पहुंची।
आरोप है कि रोशनी ने कमरे में घुसते ही कामता प्रसाद से मोबाइल ब्लाक करने और किसी अन्य युवती से बातचीत करने को लेकर विवाद किया। देखते ही देखते मामला इतना गरमा गया कि रोशनी ने अपने पास रखे धारदार चाकू से कामता प्रसाद के सीने पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल कामता को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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आरोपित रोशनी सूर्यवंशी के अधिवक्ता सोमेश कश्यप ने अदालत में जमानत के लिए आवेदन पेश किया था। दशम अपर सत्र न्यायाधीश आदित्य जोशी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत आवेदन को नामंजूर कर दिया। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि आरोपित ने दिनदहाड़े कमरे में घुसकर मृतक के शरीर के संवेदनशील हिस्से (सीने) पर धारदार हथियार से वार किया है। यह हत्या जैसा जघन्य अपराध है। अदालत ने टिप्पणी की कि आरोपित को जमानत पर रिहा करना उचित प्रतीत नहीं होता।