
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। निजी स्कूलों की कथित मनमानी और शिक्षा विभाग की निष्क्रियता के खिलाफ, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया। कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन करते विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अधिकारियों को प्रतीकात्मक रूप से चूड़ियां और पावर का चश्मा भेंट कर अपना विरोध दर्ज कराया।
घेराव के दौरान एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह ने सीधे तौर पर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि खमतराई स्थित एसएस पब्लिक स्कूल, अचीवर्स स्कूल सहित जिले के कई निजी विद्यालय खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। रंजेश सिंह ने बताया कि एसएस पब्लिक स्कूल कैंपस के अंदर ही कापी-किताबें व यूनिफार्म बेचा जा रहा है और हर वर्ष नियम विरुद्ध तरीके से एक्टिविटी व एनुअल फीस वसूल रहा है। हद तो यह है कि महीने की 10 तारीख तक फीस नहीं पटाने पर बच्चों से 10 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पेनल्टी वसूली जा रही है।
स्कूल नीचे संचालित है और ऊपर किराये पर चल रहा है, जहां खेल मैदान का भी पूरी तरह अभाव है। इतनी गंभीर अनियमितताओं के बाद भी अफसरों ने आंखें मूंद रखी हैं। शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद शिक्षा विभाग मूकदर्शक बना बैठा है। संगठन ने डीईओ को स्मरण-पत्र सौंपते हुए कड़ी चेतावनी दी है कि यदि सभी शिकायतों की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कर दोषी प्रबंधनों पर तत्काल कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो छात्र व अभिभावकों के हित में जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक उग्र जनआंदोलन छेड़ा जाएगा।
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पेनल्टी और अवैध फीस से अभिभावक परेशान
निजी स्कूलों में नियमों के विपरीत हो रही चौतरफा आर्थिक वसूली से पालक बेहद त्रस्त हैं। पालकों को बिना बताए हर साल फीस बढ़ा दी जाती है और लेट फीस के नाम पर जुर्माना थोपा जा रहा है। छात्र संगठन ने मांग की है कि इस अवैध वसूली को तत्काल बंद कराकर राशि वापस दिलाई जाए।