11 साल की सौतेली बेटी को गर्भवती बनाने वाले कलयुगी पिता को आखिरी सांस तक जेल, जिला न्यायालय बिलासपुर
बिलासपुर के विशेष पॉक्सो कोर्ट की अपर सत्र न्यायाधीश पूजा जायसवाल ने अपनी 11 वर्षीय सौतेली बेटी का शारीरिक शोषण कर उसे गर्भवती करने वाले कलयुगी पिता क...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 24 Jun 2026 10:12:15 AM (IST)Updated Date: Wed, 24 Jun 2026 10:12:15 AM (IST)
प्रतीकात्मक चित्रHighLights
- विशेष पॉक्सो कोर्ट की अपर सत्र न्यायाधीश पूजा जायसवाल की अदालत ने सुनाया बड़ा फैसला
- अदालत ने पीड़िता को सात लाख रुपये मुआवजा देने की भी की अनुशंसा
- आयुष्मान सर्वे के दौरान मितानिन स्मृति गोपाल ने पकड़ा मामला
नईदुनिया प्रतिनिधि बिलासपुर। जिला न्यायालय स्थित विशेष पॉक्सो कोर्ट ने एक कलयुगी पिता के घिनौने कृत्य पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए उसे उम्रकैद (आखिरी सांस तक जेल) की कठोर सजा सुनाई है। आरोपी ने अपनी ही 11 वर्षीय सौतेली बेटी को हवस का शिकार बनाकर गर्भवती कर दिया था।
अपर सत्र न्यायाधीश पूजा जायसवाल की अदालत ने फैसले में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं है, बल्कि एक अबोध बच्ची के विश्वास और संरक्षण के अधिकार का घोर उल्लंघन है। कोर्ट ने पीड़िता की मदद के लिए सात लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
अभियोजन के अनुसार, पीड़िता की मां को उसका पहला पति कोरोनाकाल के दौरान छोड़ गया था। इसके बाद महिला ने आरोपी के साथ 'चूड़ी विवाह' कर लिया। आरोपी अपनी पत्नी और उसकी 11 साल की मासूम बेटी को लेकर मुंबई चला गया, जहां वह एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत में गार्ड की नौकरी करने लगा। इसी दौरान उसने मासूम के साथ इस शर्मनाक कृत्य को अंजाम दिया।
ऐसे उजागर हुआ पूरा मामला
दिसंबर में जब यह परिवार वापस रतनपुर लौटा, तब आयुष्मान सर्वे के दौरान स्थानीय मितानिन स्मृति गोपाल की नजर बच्ची पर पड़ी। बच्ची का पेट असामान्य रूप से फूला देख मितानिन को संदेह हुआ। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए मां को बच्ची का इलाज कराने की सलाह दी। सिम्स अस्पताल में जब सोनोग्राफी कराई गई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मासूम बच्ची 8 माह की गर्भवती है। इसके बाद 16 जुलाई 2024 को रतनपुर थाने में केस दर्ज कराया गया।
गुमराह की कोशिश नाकाम, डीएनए जांच से फंसा आरोपी
मामले की शुरुआती जांच में बच्ची की मां ने पुलिस को गुमराह करने के लिए कुछ नशेड़ी युवकों पर शक जताया था। लेकिन तत्कालीन रतनपुर थाना प्रभारी रजनीश सिंह को सौतेले पिता पर संदेह हुआ। पुलिस ने सच सामने लाने के लिए नवजात शिशु और आरोपी के ब्लड सैंपल रायपुर स्थित राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजे।
वैज्ञानिक साक्ष्य बने आधार: डीएनए जांच की रिपोर्ट में आरोपी का सैंपल नवजात से पूरी तरह मैच हो गया। इस अकाट्य वैज्ञानिक सबूत के सामने आते ही कलयुगी पिता का झूठ बेनकाब हो गया।