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हाई कोर्ट में नौकरी का झांसा देकर 16 लाख ठगी, खुद को रजिस्ट्रार जनरल का गनमैन बताता था आरक्षक

बिलासपुर कोर्ट ने हाई कोर्ट में नौकरी लगवाने के नाम पर 16 लाख रुपये धोखाधड़ी के आरोपित आरक्षक डोमन कुमार पाटिल की जमानत याचिका खारिज कर दी।

By Digital DeskEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Wed, 30 Sep 2026 01:48:16 PM (IST)Updated Date: Wed, 30 Sep 2026 01:48:16 PM (IST)
हाई कोर्ट में नौकरी का झांसा देकर 16 लाख ठगी, खुद को रजिस्ट्रार जनरल का गनमैन बताता था आरक्षक
11.39 लाख के बिल के लिए 22 हजार रिश्वत। (नईदुनिया)

HighLights

  1. आरक्षक डोमन कुमार पाटिल की जमानत याचिका खारिज हुई।
  2. नौकरी लगवाने के नाम पर 16 लाख रुपये लेने आरोप।
  3. 11.आरोपित ने खुद को रजिस्ट्रार जनरल का गनमैन बताया।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: हाई कोर्ट में नौकरी लगवाने के नाम पर 16 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोपित आरक्षक डोमन कुमार पाटिल (35) की जमानत याचिका अपर सत्र न्यायाधीश/प्रथम फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय, बिलासपुर की न्यायाधीश पूजा जायसवाल ने खारिज कर दी।

साक्षियों को प्रभावित किए जाने की आशंका

अदालत ने कहा कि आरोप गंभीर प्रकृति का है। आरोपपत्र पेश हो चुका है, लेकिन अभी किसी भी साक्षी का बयान दर्ज नहीं हुआ है। ऐसे में जमानत देने पर साक्षियों को प्रभावित किए जाने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। सकरी थाने में अपराध दर्ज मामले में आरोपित डोमन कुमार पाटिल सकरी बटालियन में आरक्षक था।


खुद को रजिस्ट्रार जनरल का गनमैन बताकर दिया नौकरी का भरोसा

  • शिकायतकर्ता मोहम्मद शाबाज खान ने बताया कि उसने वर्ष 2023-24 में हाई कोर्ट में सहायक ग्रेड-3 भर्ती के लिए आवेदन किया था। सकरी बटालियन में आने-जाने के दौरान उसकी पहचान आरक्षक डोमन से हुई। आरोप है कि डोमन ने हाई कोर्ट के बड़े अधिकारियों से पहचान और खुद को रजिस्ट्रार जनरल का गनमैन बताते हुए नौकरी लगवाने का भरोसा दिया।
  • उसने नौकरी के लिए आठ लाख रुपये मांगे और चार लाख रुपये अग्रिम देने को कहा। शिकायतकर्ता ने अपनी भाभी साजिया नाज के खाते से 2 अप्रैल 2024 को चार लाख और 9 अप्रैल को दो लाख रुपये डोमन के एक्सिस बैंक खाते में भेजे। परीक्षा में नौकरी नहीं लगने पर रकम वापस मांगने पर वह टालता रहा।

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अन्य लोगों से भी की ठगी, 16 लाख का आरोप

बाद में मनीष कौशिक और विकास कुमार कौशिक ने भी बताया कि उनसे नौकरी लगाने के नाम पर पांच-पांच लाख रुपये लिए गए थे। इस तरह कुल 16 लाख रुपये लेने का आरोप है। पुलिस ने पहले धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया था। जांच के बाद डोमन को सात अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया और चालान प्रस्तुत किया गया।

खाते में राशि के लेन-देन को देखते हुए जमानत निरस्त

बचाव पक्ष ने इसे उधार की रकम का विवाद बताते हुए जमानत मांगी और कहा कि आरोपित का कोई आपराधिक पूर्व इतिहास नहीं है। अभियोजन ने विरोध किया। अदालत ने अभिलेख में प्रथम दृष्टया संलिप्तता और बैंक खाते में राशि के लेन-देन को देखते हुए जमानत आवेदन धारा 483 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत निरस्त कर दिया।

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