
नईदुनिया्रतिनिधि, बिलासपुर। हाई कोर्ट ने एक आपराधिक अपील की सुनवाई के दौरान अपीलार्थी की ओर से अधिवक्ता की लगातार अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए उसके लिए निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति राधाकिशन अग्रवाल की एकलपीठ ने यह आदेश आपराधिक अपील की सुनवाई के दौरान पारित किया।
मामले में सुनवाई के समय अपीलार्थी की ओर से कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ। राज्य की ओर से उप महाधिवक्ता रामनारायण साहू उपस्थित रहे। गैर जमानती वारंट के अनुपालन में अपीलार्थी उदय कुमार उर्फ उदा को पुलिस अभिरक्षा में कोर्ट के समक्ष पेश किया गया।
अदालत ने रिकार्ड का अवलोकन करते हुए पाया कि अपील दायर होने के बाद से अपीलार्थी के अधिवक्ता 10 जून 2025 से लगातार अनुपस्थित हैं और वर्तमान सुनवाई में भी उपस्थित नहीं हुए। इस पर कोर्ट ने अपीलार्थी से चर्चा की। अपीलार्थी ने अदालत से अनुरोध किया कि उसके लिए हाई कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी के माध्यम से किसी अधिवक्ता की नियुक्ति की जाए।
लीगल सर्विसेज कमेटी के सचिव को दिए निर्देश
अदालत ने हाई कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी के सचिव को अपीलार्थी की ओर से पैरवी के लिए अधिवक्ता नियुक्त करने का निर्देश दिया। साथ ही नियुक्त अधिवक्ता को औपचारिक नियुक्ति पत्र जारी करने तथा अपील ज्ञापन एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया, ताकि वह मामले की तैयारी कर प्रभावी ढंग से पैरवी कर सके। कोर्ट ने रजिस्ट्री को अपीलार्थी की उपस्थिति दर्ज कर उसे संबंधित जेल वापस भेजने के लिए जेल वारंट तैयार करने के निर्देश भी दिए। मामले को अंतिम सुनवाई के लिए 8 जुलाई 2026 को सूचीबद्ध किया गया है।