
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। एक फेरा उड़ने के बाद बंद हुई बिलासपुर-कोलकाता हवाई सेवा को फिर से शुरू करने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव के त्वरित हस्तक्षेप के बाद राज्य सरकार ने एलाइंस एयर को उड़ान जारी रखने के निर्देश दिए हैं। विमानन संचालनालय ने कंपनी को ईमेल से आदेश भेज दिया है। अब डीजीसीए और कोलकाता एयरपोर्ट से जरूरी मंजूरी मिलने के बाद सेवा दोबारा शुरू होगी।
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने उड़ान बंद होने के फैसले पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वरिष्ठ विधायक धरमलाल कौशिक और अमर अग्रवाल से चर्चा कर हस्तक्षेप की मांग की थी। इसके बाद अरुण साव ने अधिकारियों से बात कर आवश्यक निर्देश दिए। पहल के बाद शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के संचालक विमानन ने एलाइंस एयर को बिलासपुर-कोलकाता उड़ान पहले की तरह सप्ताह में दो दिन संचालित करने के निर्देश ईमेल से भेजे।
करीब डेढ़ महीने तक बंद रहने के बाद यह सेवा 25 अक्टूबर को विंटर शेड्यूल में फिर शुरू हुई थी, लेकिन एक फेरा पूरा करने के बाद ही संचालन रुक गया। 30 अक्टूबर की निर्धारित उड़ान के लिए 42 यात्रियों ने बुकिंग कराई थी। उड़ान रद्द होने पर टिकटों की राशि वापस कर दी गई। अब यात्रियों को नए सिरे से टिकट बुक कराने होंगे।
एलाइंस एयर को उड़ान शुरू करने के लिए डीजीसीए और कोलकाता एयरपोर्ट से आवश्यक अनुमतियां दोबारा लेनी होंगी, क्योंकि पहले सेवा बंद होने पर कंपनी ने पुरानी मंजूरियां सरेंडर कर दी थीं। कंपनी ने जल्द प्रक्रिया पूरी कर उड़ान बहाल करने की बात कही है।
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने अरुण साव सहित जनप्रतिनिधियों का आभार जताया। समिति का कहना है कि बिलासपुर से हैदराबाद और मुंबई के लिए उड़ानें उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास जारी हैं। ऐसे में दिल्ली और कोलकाता जैसे महानगरों की मौजूदा सेवाओं को बाधित करना बिलासपुर संभाग के साथ अन्याय होगा।
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का कहना है कि बिलासपुर को दक्षिण भारत के हैदराबाद और पश्चिम भारत के मुंबई से जोड़ने के प्रयास चल रहे हैं। ऐसे में उत्तर भारत के दिल्ली और पूर्व भारत के कोलकाता के लिए मौजूदा उड़ानों का नियमित संचालन जरूरी है। समिति के मुताबिक, जब तक बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से भरोसेमंद समय-सारणी के अनुसार लगातार उड़ानें नहीं चलेंगी, तब तक यात्रियों का विश्वास मजबूत करना मुश्किल होगा और सेवा बंद होने का संकट बना रहेगा।
25 अक्टूबर को बिलासपुर-कोलकाता सीधी उड़ान करीब डेढ़ महीने के अंतराल के बाद दोबारा शुरू हुई थी। पहले फेरे में बिलासपुर से कोलकाता के लिए 36 यात्रियों ने सफर किया। इसके बाद 30 अक्टूबर की उड़ान के लिए 42 यात्रियों ने टिकट बुक कराए थे। उड़ान रद्द होने से उनकी यात्रा योजना प्रभावित हुई और टिकटों की राशि वापस करनी पड़ी। अब यात्रियों को दोबारा बुकिंग करानी होगी।
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पुरानी मंजूरियां सरेंडर, अब नए सिरे से प्रक्रिया
राज्य शासन के पहले के निर्देश के बाद उड़ान बंद होने पर एलाइंस एयर ने डीजीसीए और कोलकाता एयरपोर्ट से प्राप्त अनुमतियां सरेंडर कर दी थीं। अब राज्य सरकार के नए निर्देश के बाद कंपनी को जरूरी मंजूरियां फिर हासिल करनी होंगी। एयरलाइन का कहना है कि प्रक्रिया जल्द पूरी कर सेवा शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। उड़ान की वास्तविक बहाली इन औपचारिकताओं के पूरा होने पर निर्भर करेगी।