Bilaspur Railway News: बरौनी एक्सप्रेस का सफर अब सुरक्षित व आरामदायक, लगेंगे एलएचबी कोच
Bilaspur Railway News: यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने बरौनी एक्सप्रेस में एलएचबी कोच लगाने का निर्णय लिया है। यह आधुनिक और आरामदायक हैं। साथ ही इ ...और पढ़ें
By Abrak AkroshEdited By: Abrak Akrosh
Publish Date: Thu, 10 Nov 2022 07:00:00 AM (IST)Updated Date: Thu, 10 Nov 2022 07:00:05 AM (IST)

Bilaspur Railway News: बिलासपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस (15231/15232) में सफर अब आरामदायक व सुरक्षित होगा। रेलवे इस ट्रेन को अब एलएचबी कोच के साथ चलाएगी। दिसंबर महीने से यह सुविधा शुरू हो जाएगी। इसके लिए रेल प्रशासन द्वारा तैयारी पूरी कर ली गई है।
15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस में एक दिसंबर और 15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस में दो दिसंबर से आधुनिक कोच के साथ चलेगी। दरअसल रेलवे ने धीरे-धीरे सभी ट्रेनों को एलएचबी कोच के साथ चलाने का निर्णय लिया है। इस पर अमल भी शुरू हो गया है। बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस अब भी पुराने कोच से चल रही है। लंबी दूरी की इस ट्रेन में पुराने कोच को लेकर रेलवे कहीं न कहीं चिंतित है। मुख्यालय स्तर पर इसे लेकर चर्चा भी हो रही थी। इसमें अब जाकर सहमति बनी है। हालांकि अब तक केवल एलएचबी कोच आने का इंतजार किया जा रहा था, जो अब जाकर पूरा हुआ है।
रेलवे का मानना है की एलएचबी कोच सुविधाजनक, आरामदायक और ज्यादा सुरक्षित है। दुर्घटना होने पर या पटरी से उतरने जैसी घटनाओं में कोच अलग-अलग नहीं होते। आपस में सभी कोच इतने सुरक्षित ढंग से जुड़ते हैं कि कोच बेपटरी होने के बाद नहीं पलटता और यात्री में इसमें सुरक्षित रहते हैं। जोन से छूटने व गुजरने वाली अधिकांश ट्रेनें एलएचबी कोच के साथ चल रही है। बची हुई ट्रेनों को धीरे-धीरे एलएचबी कोच से चलाने की योजना बनाई जा रही है। गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस के अलावा शिवनाथ एक्सप्रेस और इंटरसिटी एक्सप्रेस से भी पुराने कोच हटाने की योजना है।
इसके लिए बिलासपुर व दुर्ग को एक-एक रैक तैयार करने का निर्देश दिया है। इस पर दोनों जगह काम भी शुरू हो गया है। जल्द ही इन दोनों ट्रेनों को एलएचबी कोच के साथ चलाने की घोषणा हो जाएगी। हालांकि पहले दिन थोड़ी दिक्कत हो सकती है। यह समस्या कोच को लेकर आती है। दरअसल एलएचबी रैक में स्लीपर कोच में 80 बर्थ होते हैं, जबकि पंरपरागत कोच में 72 सीटें होती हैं। पहले इस तरह की समस्या आती रही है।