नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: मल्हार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने शिक्षकों की गंभीर हरकतों और अवैध वसूली के खिलाफ कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर हंगामा किया। छात्राओं ने कलेक्टर को सीधे गेट पर बुलाने की मांग को लेकर प्रवेश द्वार घेर लिया। अफसरों के मान-मनौव्वल के बाद मंथन सभाकक्ष में दो घंटे तक चली लंबी चर्चा के बावजूद वार्ता पूरी तरह बेनतीजा रही।
मंगलवार को मल्हार स्कूल की छात्राएं न्याय की गुहार लगाने जिला कार्यालय पहुंचीं। छात्राओं ने संस्कृत शिक्षक राजेश दुबे पर कक्षा में अश्लील हरकतें करने, छात्राओं पर बुरी नजर रखने और फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी पाने का आरोप लगाते हुए सीधे एफआइआर दर्ज कराने की मांग रखी। वहीं गणित शिक्षिका पर निशुल्क सैनिटरी पैड बेचने, एक्सपायरी पैड बांटने और एएफ फंड में गबन के आरोप लगाए गए।
छात्राओं का एक प्रतिनिधिमंडल जब कलेक्टर से मिलने पहुंचा तो विद्यार्थियों ने दोटूक कहा कि कलेक्टर बाहर आकर सभी के सामने बात करें। इस पर कलेक्टर ने सिर्फ दल से चर्चा की बात कही, जिससे नाराज छात्र-छात्राओं ने मुख्य प्रवेश द्वार पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। अतिरिक्त कलेक्टर शिव बनर्जी और ज्योति पटेल के समझाने पर भी विद्यार्थी नहीं माने। आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा और कलेक्टर ने सभी को मंथन सभाकक् में आमंत्रित किया।
कलेक्टर संजय अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल और निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे की मौजूदगी में करीब दो घंटे तक गहमागहमी भरी बातचीत हुई। हालांकि बैठक के बाद छात्राओं ने निराशा जताते हुए कहा कि प्रशासन ने उनकी मुख्य मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया।
यह भी पढ़ें- 67 अंक के बाद भी अपात्र घोषित, प्रयोगशाला तकनीशियन भर्ती पर हाईकोर्ट में सुनवाई
कानूनी धाराओं के पर्चे थामे जमीन पर बैठीं छात्राएं
प्रदर्शनकारी छात्राएं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, बीएनएस की जालसाजी, धोखाधड़ी, पाक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम की धाराओं के हस्तलिखित पर्चे लेकर पहुंची थीं। छात्राओं का आरोप था कि शिकायतों के बावजूद स्थानीय स्तर पर प्राचार्य द्वारा मामले को दबाया जाता रहा, जिससे तंग आकर उन्हें सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ा।
निशुल्क पैड बेचने और एक्सपायरी बांटने का मामला
छात्राओं ने लिखित शिकायत में उजागर किया कि शासन से मिलने वाले निश्शुल्क सैनिटरी पैड को छात्राओं में बांटने के बजाय पांच रुपये में बेचा गया। यही नहीं, बालिकाओं को एक्सपायरी पैड बांटे गए जिससे स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ा। इसके अलावा एएफ फंड की राशि के गबन और विरोध करने पर नंबर काटने की धमकी देने के आरोप लगाए गए।
वर्जन
पूर्व में छात्राओं की शिकायत पर जांच टीम का गठन किया गया था। जांच में प्राचार्य सहित शिक्षकों के दोषी पाए जाने पर उन्हें स्कूल से हटा दिया गया है। छात्राओं की मांग को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई जा रही है। जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
संजय अग्रवाल, कलेक्टर, बिलासपुर