67 अंक के बाद भी अपात्र घोषित, प्रयोगशाला तकनीशियन भर्ती पर हाईकोर्ट में सुनवाई
बिलासपुर हाईकोर्ट ने प्रयोगशाला तकनीशियन भर्ती में 67.473 अंक और 104वीं रैंक के बावजूद अपात्र घोषित किए गए कोरबा के दिनेश्वर दास की याचिका बहाल कर दी ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 13 Oct 2026 07:28:37 PM (IST)Updated Date: Tue, 13 Oct 2026 07:28:37 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्रHighLights
- 67.473 अंक के बाद भी अपात्र घोषित।
- हाईकोर्ट ने याचिका बहाल कर सुनवाई का मौका दिया।
- प्रयोगशाला तकनीशियन भर्ती की चयन सूची को चुनौती।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: प्रयोगशाला तकनीशियन भर्ती में 67.473 अंक और 104वीं रैंक हासिल करने के बावजूद अपात्र घोषित किए गए कोरबा के दिनेश्वर दास को हाई कोर्ट से राहत मिली है। जस्टिस बिभु दत्ता गुरु ने प्रक्रिया संबंधी चूक के कारण खारिज हुई उनकी पुरानी याचिका बहाल करने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने 12 अक्टूबर को पारित आदेश में कहा कि चूक अनजाने में हुई प्रतीत होती है और याचिकाकर्ता को मामले के गुण-दोष के आधार पर सुनवाई का अवसर मिलना चाहिए।
दिनेश्वर दास ने प्रयोगशाला तकनीशियन पद की चयन सूची को चुनौती देते हुए वर्ष 2025 में याचिका दायर की थी। उनका कहना है कि 67.473 अंक और 104वीं रैंक मिलने के बावजूद उन्हें भर्ती के लिए अपात्र घोषित कर दिया गया। सुनवाई के दौरान 15 जुलाई 2026 को हाई कोर्ट ने नए पक्षकार भारत लाल को साधारण और पंजीकृत डाक से नोटिस जारी करने के लिए 10 दिन का समय दिया था। लेकिन निर्धारित अवधि में प्रक्रिया शुल्क जमा नहीं हो सका। छह अगस्त को कोर्ट ने कमी दूर करने के लिए फिर 10 दिन का समय दिया और ऐसा नहीं करने पर याचिका खारिज होने की चेतावनी दी थी।
यह भी पढ़ें- बिलासपुर में स्कूल के सामने धू-धू कर जली क्रेटा कार, बच्चों को लेने पहुंचे थे पिता, मची अफरा-तफरी
तीन दिन में दूर करनी होंगी बाकी कमियां
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि सात अगस्त को साधारण और स्पीड पोस्ट के माध्यम से आवश्यक प्रक्रिया शुल्क जमा कर दिया गया था। हालांकि, विलंब माफी का आवेदन प्रस्तुत नहीं होने के कारण रजिस्ट्री ने कमी दूर होना स्वीकार नहीं किया और नौ सितंबर को याचिका खारिज करने संबंधी सूचना जारी कर दी गई।
हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलील और परिस्थितियों पर विचार करते हुए पुरानी याचिका खारिज करने का आदेश वापस ले लिया तथा उसे उसके मूल क्रमांक पर बहाल कर दिया। कोर्ट ने शेष कमियां, यदि कोई हों, तो तीन दिन के भीतर दूर करने का निर्देश भी दिया है। भर्ती में अपात्र घोषित किए जाने के विवाद पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।