• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • दिवाली पूजन 2026
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बिलासपुर

बिलासपुर के उसलापुर स्टेशन का हाल बेहाल, कुर्सियां कम होने से फर्श और बैग पर बैठने को मजबूर यात्री

बिलासपुर के उसलापुर स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का अभाव है। प्लेटफार्म दो पर पर्याप्त कुर्सियां और शौचालय नहीं होने से यात्री परेशान हैं। अमृत भारत योजना के दूसरे चरण में सुविधाएं बढ़ेंगी।

By Shiv SoniEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Wed, 04 Nov 2026 09:03:38 AM (IST)Updated Date: Wed, 04 Nov 2026 09:03:38 AM (IST)
बिलासपुर के उसलापुर स्टेशन का हाल बेहाल, कुर्सियां कम होने से फर्श और बैग पर बैठने को मजबूर यात्री
बिलासपुर के उसलापुर स्टेशन का हाल बेहाल। (नईदुनिया)

HighLights

  1. उसलापुर स्टेशन पर पर्याप्त कुर्सियों का है अभाव।
  2. ट्रेन के इंतजार में फर्श पर बैठते हैं यात्री।
  3. प्लेटफार्म नंबर दो के एक छोर पर शौचालय नहीं।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: उसलापुर रेलवे स्टेशन पहुंचने वाले यात्री ट्रेन पकड़ने से पहले बैठने का इंतजाम भी कर लें। यहां प्लेटफार्म दो पर ट्रेन का इंतजार करने के लिए पर्याप्त कुर्सियां नहीं हैं। ऐसे में खाली कुर्सी नहीं मिलने पर यात्रियों को अपने बैग को ही आसन बनाना पड़ रहा है। कई यात्रियों को मजबूरी में फर्श पर बैठकर ट्रेनों का इंतजार करना पड़ रहा है। परिवार के साथ सफर करने वाले यात्रियों, बुजुर्गों और महिलाओं की परेशानी और बढ़ जाती है।

शहर के दूसरे प्रमुख रेलवे स्टेशन की यह तस्वीर रेलवे की यात्री सुविधाओं के दावों पर सवाल खड़े करती है। उसलापुर रेलवे स्टेशन शहर का दूसरा प्रमुख स्टेशन है। उपयोगिता बढ़ाने के लिए रायपुर और दुर्ग से आने वाली कुछ ट्रेनों का ठहराव बिलासपुर में बंद कर उसलापुर में शुरू किया गया है। इससे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या पहले की तुलना में करीब दोगुनी हो गई है। वर्तमान में अप-डाउन मिलाकर प्रतिदिन 24 ट्रेनों का ठहराव है। यात्रियों की बढ़ती संख्या के अनुपात में सुविधाओं का विस्तार नहीं होने से परेशानी बढ़ रही है।


अधिकांश ट्रेनों का ठहराव प्लेटफार्म दो पर होता है। ट्रेन आने के समय यहां यात्रियों की भीड़ जुटती है, लेकिन बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियां नहीं हैं। मंगलवार को दुर्ग-उधमपुर एक्सप्रेस के इंतजार में प्लेटफार्म पर बड़ी संख्या में यात्री मौजूद थे। कुर्सियां भरने के बाद कई यात्री फर्श पर बैठने या अपना बैग ही सहारे के रूप में इस्तेमाल करने को मजबूर दिखे।

300 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था, इतने की और आवश्यकता

उसलापुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म दो पर 12 व चार सीटर कुर्सियों को मिलाकर 300 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है, जबकि इतने ही यात्रियों के बैठने के लिए कुर्सियों की आवश्यकता है। स्टेशन प्रबंधन की ओर से कई बार इस कमी को दूर करने का प्रस्ताव भेजा गया। पर अब तक व्यवस्था नहीं हुई।

12 से अधिक ट्रेनों का ठहराव

उसलापुर स्टेशन का यह प्लेटफार्म लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है। बिलासपुर, रायपुर व दुर्ग से प्रतिदिन छूटने वाली 12 ट्रेनों का ठहराव यहां रहता है। साप्ताहिक ट्रेनों को शामिल करेंगे तो संख्या 15 से अधिक है। जिनमें बिलासपुर-रीवा एक्सप्रेस, बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस, बिलासपुर-चिरमिरी एक्सप्रेस, दुर्ग- छपरा सारनाथ एक्सप्रेस, दुर्ग-नवनतवा एक्सप्रेस, दुर्ग-अंबिकापुर एक्सप्रेस, गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस, बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस, दुर्ग-उधमपुर एक्सप्रेस, दुर्ग- निजामुद्दीन संपर्कक्रांति एक्सप्रेस, रायपुर-लखनऊ गरीब रथ एक्सप्रेस, दुर्ग-निजामुद्दीन हम सफर एक्सप्रेस शामिल हैं।

महत्वपूर्ण प्लेटफार्म पर शौचालय नहीं

उसलापुर के इस प्लेटफार्म की एक समस्या तो हैरान करनी वाली है। इसके कटनी छोर पर शौचालय की व्यवस्था ही नहीं है। यह समस्या तब से हैं, जब से स्टेशन अस्तित्व में आया है। 548 मीटर लंबे इस प्लेटफार्म पर यदि कोई यात्री खड़ा है तो शौचालय का उपयोग करना है तो उसे एक से दूसरे छोर पर जाना पड़ता है। अमृत भारत स्टेशन योजना के पहले फेज का काम हो चुका है। लेकिन, एक शौचालय निर्माण को योजना में शामिल ही नहीं किया गया।

क्या कहते हैं यात्री

फर्श पर बैठने के लिए यात्री विवश: नवीन यात्री नवीन कश्यप का कहना है कि उसलापुर रेलवे स्टेशन पर बुजुर्गों के लिए बैठने की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। ट्रेन आने में कभी-कभी दो से तीन घंटे तक लग जाते हैं। ऐसे में इतनी देर खड़े रहना काफी मुश्किल होता है। उसलापुर स्टेशन के प्लेटफार्म दो पर कुर्सियां कम होने के कारण खाली जगह तलाशनी पड़ती है। कई बार मजबूरी में फर्श पर बैठना पड़ता है। रेलवे को यात्रियों की संख्या के हिसाब से बैठने की व्यवस्था बढ़ानी चाहिए।

बुनियादी सुविधा का अभाव समझ से परे: दीपक कौशिक का कहना है कि परिवार और बच्चों के साथ यात्रा करने पर स्टेशन की अव्यवस्था ज्यादा परेशान करती है। ट्रेन का इंतजार करते समय बच्चों को संभालना और सामान की देखरेख करना आसान नहीं होता। अगर बैठने के लिए कुर्सी ही न मिले तो परेशानी और बढ़ जाती है। इसीलिए बैग पर या फर्श पर बैठकर समय बिताना पड़ता है।

जरूरी सुविधाएं देना भी रेलवे की जिम्मेदारी: रामस्नेही पटेल का कहना है कि उसलापुर स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव लगातार है और यात्रियों की आवाजाही भी कम नहीं है। इसके बावजूद बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियां नहीं होना रेलवे की तैयारी पर सवाल खड़ा करता है। रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को इस परेशानी का सामना करना पड़ता है। ट्रेन लेट होने पर स्थिति और खराब हो जाती है। यात्री प्लेटफार्म पर पहुंचकर पहले बैठने की जगह तलाशते हैं।

यह भी पढ़ें- रायपुर: ढाई घंटे की तलाश के बाद मां की गोद में लौटा एक साल का मासूम, थाने में मनाया पहला जन्मदिन

नंबर गेम

  • 12 ट्रेनों का प्रतिदिन ठहराव।
  • 300 और यात्रियों के बैठने की व्यवस्था की आवश्यकता।
  • 09 हजार यात्री प्रतिदिन करते हैं यात्रा

उसलापुर स्टेशन में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत काम चल रहा है। पहले फेज का काम हो गया है। दूसरे फेज में शेड व चेयर की व्यवस्था करने को शामिल रखा गया है। आने वाले दिनों में यात्रियों को बैठने की समस्या नहीं होगी।

अनुराग कुमार सिंह, सीनियर डीसीएम, बिलासपुर रेल मंडल

यह भी पढ़ें- कांग्रेस और विपक्षी दल संविधान विरोधियों और माओवादियों के समर्थक रहे हैं: अमित शाह

एक क्लिक पर पढ़ें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की लेटेस्ट खबरें। Hindi News पढ़ें। MP News, Chhattisgarh news, आज का राशिफल और आज का मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पढ़ें।