
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: जोनल स्टेशन गुरुवार को उस समय अखाड़ा बन गया, जब वेंडरों के दो गुटों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। विवाद इतना बढ़ा कि पहले प्लेटफार्म नंबर एक पर एक पक्ष ने दूसरे के साथ मारपीट की। इसके बाद दूसरा पक्ष प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंचा और वहां भी जमकर मारपीट हुई। स्टेशन परिसर में हुए इस हंगामे का वीडियो भी प्रसारित हुआ है, जिससे घटना चर्चा में आ गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए जीआरपी ने दोनों पक्षों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।
जोनल स्टेशन के प्लेटफार्म पर खानपान बेचने वाले वेंडरों के बीच विवाद और मारपीट की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। स्टालों में काम करने वाले ज्यादातर वेंडर भिंड-मुरैना क्षेत्र के बताए जाते हैं। इनके बीच प्लेटफार्म पर खाना और नाश्ता बेचने को लेकर अक्सर विवाद होता है।
गुरुवार को भी इसी बात पर विवाद इतना बढ़ा कि तीन वेंडरों ने एक अन्य वेंडर पर लात-घूंसों से हमला कर दिया। घटना के दौरान प्लेटफार्म पर भीड़ जमा हो गई, लेकिन रेलवे यात्रियों की सुरक्षा का दावा करने वाली आरपीएफ का कोई जवान मौके पर नजर नहीं आया। घटना उस समय हुई, जब प्लेटफार्म नंबर दो पर पटना-चर्लपल्ली एक्सप्रेस खड़ी थी। इसी दौरान एक वेंडर खाना बेच रहा था।
तभी दूसरे गुट के तीन वेंडर वहां पहुंचे और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। तीनों ने उसे बेरहमी से पीटा। अचानक हुई इस घटना से प्लेटफार्म पर मौजूद यात्रियों और अन्य लोगों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। मारपीट का वीडियो भी प्रसारित हुआ है।
घटना के बाद पीड़ित वेंडर ने जीआरपी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर जीआरपी ने कार्रवाई करते हुए मारपीट के आरोपित तीनों वेंडरों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, मामले में दूसरा पक्ष भी सामने आया है। तीनों वेंडरों ने आरोप लगाया कि इससे पहले प्लेटफार्म नंबर एक पर उनके साथ मारपीट की गई थी। इस संबंध में उन्होंने भी शिकायत दर्ज कराई। जीआरपी ने उनकी शिकायत पर दूसरे पक्ष के प्रार्थी के खिलाफ भी अपराध दर्ज किया है।
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सुरक्षा व्यवस्था पर उठा सवाल
स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थान पर यात्रियों की मौजूदगी के बीच हुई इस मारपीट ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस समय प्लेटफार्म पर ट्रेन खड़ी थी और यात्रियों की आवाजाही जारी थी, उस दौरान वेंडरों के बीच खुलेआम लात-घूंसे चलते रहे। ऐसे में सवाल उठता है कि स्टेशन की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले जवानों की मौजूदगी के बावजूद ऐसी घटनाओं पर अंकुश कैसे लगेगा। फिलहाल जीआरपी दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।