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26 साल बाद भी कैट का गठन नहीं, छोटी सी गलती सुधारने 250 KM जबलपुर की करनी पड़ती है यात्रा

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की स्थापना के 26 साल बाद भी केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की स्थायी पीठ का गठन नहीं हो पाया है। बिलासपुर में जबलपुर कैट की सर्किट...और पढ़ें

By Kamlesh RajakEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Fri, 16 Oct 2026 09:40:12 PM (IST)Updated Date: Fri, 16 Oct 2026 09:40:12 PM (IST)
26 साल बाद भी कैट का गठन नहीं, छोटी सी गलती सुधारने 250 KM जबलपुर की करनी पड़ती है यात्रा

HighLights

  1. 26 साल बाद भी छत्तीसगढ़ में कैट गठन नहीं हुआ।
  2. छोटी गलती सुधारने 250 KM जबलपुर जाना पड़ता है।
  3. हाईकोर्ट ने केंद्र से तीन सप्ताह में हलफनामा मांगा।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की स्थापना को 26 साल पूरे होने को है। लंबे अरसे बाद भी केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) का गठन नहीं हो पाया है। अब भी जबलपुर तक दौड़ लगानी पड़ती है। स्थिति ये कि सर्किट कोर्ट हर दो महीने में एक सप्ताह के लिए बिलासपुर में बैठती है। अर्थात एक वर्ष में मात्र पांच बार।

आवेदनों में अगर गलती हो जाए और इसे सुधारना आवश्यक हो, तो फिर जबलपुर तक यानी 250 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ सीनियर लायर फोरम बिलासपुर की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से उत्तर मांगा है।


मुख्य न्यायाधीश कृष्न राम महापात्र और न्यायमूर्ति संतोष शर्मा की युगलपीठ ने केंद्र सरकार को तीन सप्ताह के भीतर सक्षम अधिकारी का शपथ पत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार से भी छत्तीसगढ़ में स्थायी पीठ स्थापित करने की दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी लेने को कहा गया है।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता बीपी राव ने अदालत को बताया कि जबलपुर स्थित कैट की प्रधान पीठ की सर्किट पीठ बिलासपुर में हर दो महीने में एक सप्ताह के लिए बैठती है। यह व्यवस्था साल में पांच बार चलती है। इसके कारण पक्षकारों को आवेदन जमा करने, उनमें मौजूद त्रुटियां दूर कराने और अन्य कार्यालयीन प्रक्रियाओं के लिए जबलपुर जाना पड़ता है। प्रकरण तैयार होने के बाद आनलाइन सुनवाई होती है। इससे पक्षकारों को समय और संसाधन खर्च करने पड़ते हैं।

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याचिका में यह भी बताया गया कि बिलासपुर में कैट भवन बनाने के लिए जमीन आवंटित हो चुकी है, लेकिन फिलहाल सर्किट पीठ जिला उपभोक्ता फोरम की पहली मंजिल पर स्थित एक छोटे कमरे में संचालित हो रही है।

केंद्र और राज्य स्पष्ट करें स्थिति

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से उप सालिसिटर जनरल रामाकांत मिश्रा ने मामले में विस्तृत जानकारी जुटाने और सक्षम अधिकारी का हलफनामा पेश करने के लिए समय मांगा। अदालत ने तीन सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने को कहा है।

राज्य शासन को भी छत्तीसगढ़ में, विशेषकर बिलासपुर में, कैट की स्थायी पीठ स्थापित करने के संबंध में जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। फिलहाल हाई कोर्ट ने स्थायी पीठ स्थापित करने का अंतिम आदेश नहीं दिया है। केंद्र और राज्य सरकार से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है।