बिलासपुर में DMF से 250 से अधिक अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति, सरकारी स्कूलों में अब सुधरेगी पढ़ाई की व्यवस्था
बिलासपुर जिले में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने डीएमएफ फंड से 250 से अधिक अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की है। बिल्ह...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 16 Oct 2026 09:02:14 PM (IST)Updated Date: Fri, 16 Oct 2026 09:02:14 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्रHighLights
- DMF से 250 से अधिक अतिथि शिक्षक नियुक्त किए गए।
- सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी से सुधरेगी पढ़ाई।
- बिल्हा ब्लाक के स्कूलों में प्रति कालखंड मानदेय पर व्यवस्था।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुरः शासकीय विद्यालयों में लंबे समय से खाली पड़े शिक्षक पदों के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जिला प्रशासन ने डीएमएफ फंड से 250 से अधिक अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की है।
डीईओ के निर्देश पर बिल्हा ब्लाक के शासकीय प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी और सेजेस विद्यालयों में पठन-पाठन सुचारू करने के लिए यह व्यवस्था की गई है। जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार, वैकल्पिक व्यवस्था के तहत प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्तर पर कुल 93 शिक्षकों को प्रति कालखंड 75 रुपये तथा हाई और हायर सेकेंडरी स्तर पर कुल 157 शिक्षकों को प्रति कालखंड 100 रुपये मानदेय दिया जाएगा।
कलेक्टर संजय अग्रवाल की मंजूरी के बाद संबंधित प्राचार्यों और प्रधान पाठकों को चयनित अभ्यर्थियों से तत्काल अध्यापन कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं। संस्था प्रमुखों को हर माह अभ्यर्थियों की उपस्थिति पंजी के आधार पर गणना पत्रक कार्यालय में जमा कराना होगा, ताकि डीएमएफ फंड से मानदेय का भुगतान समय पर किया जा सके। इस व्यवस्था से उन ग्रामीण और शहरी स्कूलों को राहत मिलने की उम्मीद है, जहां लंबे समय से शिक्षक पद रिक्त हैं।
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इन स्कूलो में होंगे पदस्थ
बिल्हा विकास खंड के सरधा, पासीद, लखराम, सरकंडा, हरदीकला, मोपका, मंजूरपहरी, सिंघरी, मुरकुटा, धौराभाटा, सरवानी और तिफरा सहित विभिन्न संकुलों के विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित नहीं होगी और परीक्षा परिणामों में सुधार की उम्मीद है।
वर्जन
शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने और रिक्त पदों के बावजूद पढ़ाई सुचारू रूप से चलाने के लिए यह वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। संबंधित प्राचार्यों को अतिथि शिक्षकों से समय पर अध्यापन कराने और उपस्थिति पंजी नियमित रूप से भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मानदेय का भुगतान समय पर हो सके।
भूपेंद्र कौशिक, बीईओ बिल्हा बिलासपुर