• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • शारदीय नवरात्रि
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बिलासपुर

CG हाईकोर्ट ने राज्य शासन को जारी किया नोटिस, पूर्व सलवा जुडूम कर्मियों की सेवा शर्तों पर मांगा जवाब, 4 हफ्ते का दिया समय

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पूर्व सलवा जुडूम कर्मियों की सेवा शर्तों और अधिकारों से जुड़े मामले में राज्य शासन को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा ह...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Mon, 19 Oct 2026 04:02:31 PM (IST)Updated Date: Mon, 19 Oct 2026 04:07:02 PM (IST)
CG हाईकोर्ट ने राज्य शासन को जारी किया नोटिस, पूर्व सलवा जुडूम कर्मियों की सेवा शर्तों पर मांगा जवाब, 4 हफ्ते का दिया समय
पूर्व सलवा जुडूम कर्मियों की याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई (AI Generated Image)

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने राज्य शासन को नोटिस जारी किया
  2. चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश
  3. अनुच्छेद 14 और 16 के तहत समानता की मांग

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पूर्व सलवा जुडूम कर्मियों की सेवा शर्तों और अधिकारों से जुड़े मामले में राज्य शासन सहित अन्य को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति कृष्न राम महापात्र और न्यायमूर्ति संतोष शर्मा की पीठ ने सुरेश कुमार उर्फ सुरेश निषाद की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

सेवा शर्तों और अधिकारों से जुड़ा है मामला

मामला उन कर्मियों की सेवा शर्तों से जुड़ा है, जिन्हें बाद में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में शामिल किया गया था। याचिकाकर्ता ने पूर्व सलवा जुडूम कर्मियों की सेवा संबंधी पात्रताओं और अधिकारों पर उचित विचार करने की मांग की है। याचिका में कथित भेदभाव का मुद्दा उठाते हुए संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के तहत समानता तथा सार्वजनिक रोजगार में समान अवसर के अधिकार का हवाला दिया गया है।


सलवा जुडूम अभियान से जुड़ी है पृष्ठभूमि

मामले की पृष्ठभूमि वर्ष 2005 के आसपास बस्तर क्षेत्र में शुरू हुए सलवा जुडूम अभियान से जुड़ी है। उस दौरान कुछ युवाओं को विशेष पुलिस अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था। वर्ष 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने विशेष पुलिस अधिकारियों के सशस्त्र माओवाद-विरोधी अभियानों में इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। इसके बाद सलवा जुडूम से जुड़े कुछ कर्मियों को छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में शामिल किया गया। याचिका में उन्हीं कर्मियों की सेवा शर्तों को लेकर भेदभाव का आरोप लगाया गया है।

शासन ने मांगा था जवाब के लिए समय

सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राज कुमार गुप्ता ने आवश्यक निर्देश प्राप्त करने और जवाब दाखिल करने के लिए समय देने का अनुरोध किया। अदालत ने इसे स्वीकार करते हुए प्रतिवादियों को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने और उसकी प्रति याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

यह भी पढ़ें- CG Police Promotion: छत्तीसगढ़ पुलिस में तीन नए स्पेशल डीजी पदों को मंजूरी, प्रमोशन की दौड़ में ये नाम शामिल

याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता फतेश कुमार साहू और छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के अधिवक्ता विद्याभूषण सोनी ने पैरवी की। अदालत ने मामले को छह सप्ताह बाद अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। फिलहाल हाई कोर्ट ने जवाब मांगा है, याचिका में उठाए गए मुद्दों पर अंतिम निर्णय होना बाकी है।