नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: नीट यूजी की काउंसिलिंग प्रक्रिया को गलत बताते हुए याचिका दाखिल की गई थी। याचिका में बताया गया था कि आवंटन प्रक्रिया गलत ढंग से हुई है। सुनवाई के बाद डीएमई द्वारा जारी मेरिट लिस्ट को वैध मानते हुए हाई कोर्ट ने उसके आधार पर की गई सीट आवंटन प्रक्रिया को मान्य किया है।
नीट यूजी की काउंसिलिंग में एक अभ्यर्थी द्वारा प्रथम चरण की काउंसिलिंग में सीजीडीएमई द्वारा दिए गए श्रेणी, संवर्ग इत्यादि में एडिट आप्शन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में मांग की गई थी कि विकल्प के उपरांत कैटिगरी, संवर्ग इत्यादि को बदलने की सुविधा को अमान्य किया जाए। साथ ही इसके आधार पर 12 अगस्त को जारी मेरिट लिस्ट को भी मान्य न करने की मांग की गई थी। सीजीडीएमई का पक्ष और पूरे प्रकरण को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया।
एमसीसी से काउंसिलिंग की नई तिथि के दिशा-निर्देश प्राप्त होने पर द्वितीय चरण एवं आगामी चरणों की नई समय सारिणी डीएमई द्वारा तत्काल जारी की जाएगी। नई समय सारिणी के लिए अभ्यर्थियों को सीजीडीएमई की वेबसाइट का समय-समय पर अवलोकन करते रहने की सलाह दी गई है। 23 अगस्त 2025 को काउंसिलिंग का प्रथम चरण सपन्न हो गया है। केंद्रीय एजेंसी, चिकित्सा काउंसलिंग समिति (एमसीसी) द्वारा काउंसिलिंग की द्वितीय चरण की तिथि आगे बढ़ाई गई है।
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अत: राज्य की काउंसिलिंग का दूसरा राउंड जो कि पूर्व में 27 अगस्त से प्रारंभ होने वाला था, को भी एमसीसी द्वारा जारी दिशा निर्देश के अनुसार आगे बढ़ाया गया है। डीएमई ऑफिस की वेबसाइट पर 26 अगस्त को ही एमसीसी द्वारा जारी सूचना के साथ यह सूचना प्रकाशित कर दी गई थी।