छत्तीसगढ़ में रेवेन्यू इंस्पेक्टर पदोन्नति परीक्षा हाई कोर्ट ने की निरस्त, 216 पटवारियों का प्रमोशन हो गया खत्म
CG News: हाई कोर्ट के जस्टिस एनके व्यास ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में पटवारी से रेवेन्यू इंस्पेक्टर (RI) पदोन्नति परीक्षा की प्रक्रिया को निरस्त कर दिय ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 04 Jan 2026 02:02:22 PM (IST)Updated Date: Sun, 04 Jan 2026 02:02:22 PM (IST)
छत्तीसगढ़ में रेवेन्यू इंस्पेक्टर पदोन्नति परीक्षा हाई कोर्ट ने की निरस्तHighLights
- नए सिरे से पदोन्नति परीक्षा लेने की छूट दी
- चयन प्रक्रिया में भाई-भतीजावाद और पक्षपात
- कोर्ट ने माना कि परीक्षा में गंभीर खामियां थीं
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। हाई कोर्ट के जस्टिस एनके व्यास ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में पटवारी से रेवेन्यू इंस्पेक्टर (आरआइ) पदोन्नति परीक्षा की प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है। साथ ही राज्य शासन को नए सिरे से पदोन्नति परीक्षा लेने की छूट दी है।
इस फैसले के बाद 216 पटवारियों को दी गई पदोन्नति स्वतः समाप्त हो जाएगी। कोर्ट ने चयन प्रक्रिया में भाई-भतीजावाद और पक्षपात के संकेत मिलने की बात कही है।
हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की
छत्तीसगढ़ में राजस्व विभाग से जुड़ी पदोन्नति प्रक्रिया पर हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड और याचिकाकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत तथ्यों से यह स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि पदोन्नति परीक्षा प्रणाली दूषित थी और चयन प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी।
कोर्ट ने माना कि परीक्षा में गंभीर खामियां थीं
हाई कोर्ट ने माना कि परीक्षा में गंभीर खामियां थीं, जिनसे विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। राजस्व निरीक्षक का पद एक प्रोफेशनल और जिम्मेदारीपूर्ण पद है, जहां पारदर्शिता और योग्यता आवश्यक है।
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब परीक्षा ही कदाचरण के घेरे में है, तब पटवारी से पदोन्नति प्राप्त राजस्व निरीक्षकों को प्रशिक्षण पर भेजने का प्रश्न नहीं उठता।
नई परीक्षा कराने की छूट
हाई कोर्ट ने राज्य शासन को छूट दी है कि वह पटवारी से राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति के लिए नई परीक्षा आयोजित कर सकता है। कोर्ट ने साफ कहा कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और संवैधानिक प्रविधानों के अनुरूप होनी चाहिए।