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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति संजय अग्रवाल का विदाई समारोह, मुख्य न्यायाधीश ने उनके निष्पक्ष कार्यकाल की सराहना की

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति संजय अग्रवाल के सेवानिवृत्ति के अवसर पर मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा के न्यायालय कक्ष में एक गरिमामयी विदाई समारोह आ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Fri, 21 Aug 2026 03:43:58 PM (IST)Updated Date: Fri, 21 Aug 2026 03:43:58 PM (IST)
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति संजय अग्रवाल का विदाई समारोह, मुख्य न्यायाधीश ने उनके निष्पक्ष कार्यकाल की सराहना की
न्यायमूर्ति संजय अग्रवाल

HighLights

  1. अपने कार्यकाल में उन्होंने 6,300 से अधिक मामलों का निराकरण किया।
  2. जिसमें एकलपीठ के 102 और युगलपीठ के 163 प्रकाशित निर्णय शामिल।
  3. न्यायमूर्ति संजय अग्रवाल के परिवार में विधि की मजबूत विरासत रही है।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति संजय अग्रवाल के सेवानिवृत्ति के अवसर पर बुधवार को मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा के न्यायालय कक्ष में विदाई समारोह आयोजित किया गया। मुख्य न्यायाधीश ने न्यायमूर्ति अग्रवाल के न्यायिक जीवन, विधिक ज्ञान, निष्पक्षता और प्रशासनिक दक्षता की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने हर मामले की सुनवाई अत्यंत धैर्य और निष्पक्षता से की। उनका शांत स्वभाव, संतुलित दृष्टिकोण और शालीन आचरण उन्हें सभी के बीच प्रिय बनाता रहा।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायमूर्ति अग्रवाल ने न्यायिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए न्यायपालिका की गरिमा को हमेशा ऊंचा रखा। कानून के शासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और न्याय के मानवीय पक्ष के प्रति संवेदनशीलता युवा न्यायिक अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत है।


करीब एक दशक का न्यायिक सफर, 6300 से अधिक मामलों का निराकरण

न्यायमूर्ति संजय अग्रवाल 29 सितंबर 2016 को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हुए थे। इसके बाद 8 जनवरी 2018 को उन्होंने स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। अपने कार्यकाल में उन्होंने एकलपीठ और युगलपीठ दोनों में मामलों की सुनवाई की और 6300 से अधिक मामलों का सफलतापूर्वक निराकरण किया। इनमें एकलपीठ के 102 और युगलपीठ के 163 प्रकाशित निर्णय भी शामिल हैं।

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खनिज और सेवा कानून से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले

न्यायमूर्ति अग्रवाल के महत्वपूर्ण निर्णयों में मेसर्स बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड बनाम छत्तीसगढ़ राज्य व अन्य (डब्ल्यूपीसी 1943/2020) का फैसला उल्लेखनीय रहा। इसमें उन्होंने खनिज रियायत नियमों में केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से जुड़े प्रावधानों की महत्वपूर्ण व्याख्या की।

इसी तरह उर्मिला देवी बनाम विकास कुमार अग्रवाल (डब्ल्यूपीसी 3810/2021) में भी उन्होंने महत्वपूर्ण निर्णय पारित किया।

परिवार में रही विधि की मजबूत विरासत

न्यायमूर्ति अग्रवाल ने अपने संबोधन में ईश्वर, मुख्य न्यायाधीश, सभी न्यायाधीशों, परिवार, न्यायिक अधिकारियों, सहयोगियों, अधिवक्ताओं और हाई कोर्ट परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। उनके न्यायिक जीवन के पीछे विधि की मजबूत पारिवारिक विरासत भी रही है। उनके दादा इस अंचल के प्रसिद्ध सिविल अधिवक्ता थे, जबकि उनके चाचा रवीश चंद्र अग्रवाल वरिष्ठ अधिवक्ता और अविभाजित मध्यप्रदेश के महाधिवक्ता रह चुके हैं।

न्यायमूर्ति संजय अग्रवाल की न्यायिक यात्रा

  • 29 सितंबर 2016 — छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत।
  • 8 जनवरी 2018 — स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ।
  • 6300 से अधिक मामलों का निराकरण।
  • 102 एकलपीठ के प्रकाशित निर्णय।
  • 163 युगलपीठ के प्रकाशित निर्णय।
  • खनिज रियायत, प्रशासनिक और विभिन्न विधिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण फैसले।

विदाई समारोह में कौन-कौन रहे मौजूद

समारोह में हाई कोर्ट के सभी न्यायाधीश, न्यायमूर्ति संजय अग्रवाल के परिवारजन, महाधिवक्ता, राज्य विधिक परिषद के अध्यक्ष, हाई कोर्ट अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष, वरिष्ठ अधिवक्ता, भारत सरकार के वरिष्ठ पैनल अधिवक्ता, विधि एवं विधायी कार्य विभाग के प्रमुख सचिव, रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री एवं न्यायिक अकादमी के अधिकारी, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा हाई कोर्ट के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।