
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 1.75 लाख रुपये की सब्सिडी बैंक द्वारा वापस किए जाने के मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कलेक्टर को जांच और निर्णय का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह जानना आवश्यक है कि बैंक ने याचिकाकर्ता के पक्ष में स्वीकृत सब्सिडी को किस प्रावधान या सक्षम प्राधिकारी के आदेश पर वापस किया। कलेक्टर को सभी संबंधित पक्षों को सुनने के बाद 30 दिन के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया गया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने भुवनेश्वर लाल कुर्रे विरुद्ध कलेक्टर सक्ती व अन्य में पारित किया।
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याचिकाकर्ता ने 7 मार्च 2012 को इंडियन बैंक से पांच लाख रुपये का ऋण लिया था और सब्सिडी के पात्र हुए। बैंक ने बिना सूचना के यह राशि वापस कर दी, जिसके कारण याचिकाकर्ता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।