• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बिलासपुर

5 साल के बच्चे की मां पर अपहरण का केस, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने लगाई रोक

बिलासपुर में पांच साल के बच्चे की जैविक मां रोशनी सोनी पर अपहरण का केस दर्ज होने पर हाईकोर्ट ने आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी। जस्टिस नरेंद्र कुमार व्...और पढ़ें

By Kamlesh RajakEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Mon, 12 Oct 2026 09:25:58 PM (IST)Updated Date: Mon, 12 Oct 2026 09:25:58 PM (IST)
5 साल के बच्चे की मां पर अपहरण का केस, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने लगाई रोक
प्रतीकात्मक चित्र

HighLights

  1. पांच साल के बच्चे की मां पर अपहरण का केस दर्ज।
  2. हाईकोर्ट ने आगे की कार्रवाई पर लगाई रोक।
  3. पुलिस से केस डायरी तलब, अधिकारी को पेश होने का निर्देश।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: पांच साल के बच्चे की मां रोशनी सोनी के खिलाफ अपहरण के आरोप में दर्ज मामले में हाई कोर्ट ने आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास और न्यायमूर्ति सुधीर कुमार की पीठ ने पुलिस से पूछा है कि बच्चे की मां के खिलाफ अपहरण की प्राथमिकी किन परिस्थितियों में दर्ज की गई और बच्चे की अभिरक्षा शिकायतकर्ता को कैसे सौंपी गई।

कोर्ट ने राज्य शासन को केस डायरी पेश करने और संबंधित पुलिस अधिकारी को अगली सुनवाई में उपस्थित होकर जवाब देने का निर्देश दिया है।

बिलासपुर के मंगला स्थित दीनदयाल कालोनी निवासी रोशनी सोनी ने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और आपराधिक कार्यवाही को चुनौती दी है। याचिका में कहा गया कि वह बच्चे की जैविक मां और प्राकृतिक अभिभावक है। पुलिस ने बच्चे को उसकी अभिरक्षा से लिया था। ऐसे में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 137(2) के तहत अपहरण का अपराध प्रथम दृष्टया नहीं बनता।


सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से दलील दी गई कि प्राथमिकी के अनुसार मां ने स्वयं बच्चे को शिकायतकर्ता आकाश सर्वगोड की अभिरक्षा में सौंपा था। बाद में बच्चे के अपहरण का आरोप सामने आने पर शुरुआत में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। राज्य ने याचिकाकर्ता की दलीलों का विरोध किया।

यह भी पढ़ें- सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षित वर्ग को 5 प्रतिशत छूट देने पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का अहम आदेश

प्राथमिकी और ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक

हाई कोर्ट ने मामले के तथ्यों और याचिकाकर्ता की दलीलों पर विचार करते हुए सरकंडा थाने में दर्ज प्राथमिकी क्रमांक 1225/2025, आरोपपत्र पर संज्ञान लेने संबंधी 29 अक्टूबर 2025 के आदेश और न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, बिलासपुर में लंबित आपराधिक प्रकरण क्रमांक 31132/2025 की आगे की कार्यवाही पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।

कोर्ट ने मामले में प्रतिवादी हेड कांस्टेबल संगीता नेताम और आकाश सर्वगोड को नोटिस जारी करने का निर्देश भी दिया है। प्रकरण की अगली सुनवाई दो नवंबर को होगी। फिलहाल हाई कोर्ट ने प्राथमिकी रद नहीं की है, बल्कि आगे की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगाते हुए पुलिस से पूरे घटनाक्रम का जवाब मांगा है।