सूरजपुर जिला पंचायत सीईओ के खिलाफ अवमानना कार्रवाई का नोटिस छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने लिया वापस
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सूरजपुर जिला पंचायत के सीईओ के खिलाफ जारी अवमानना का शो-कॉज नोटिस वापस ले लिया है। सीईओ ने अदालत में मेडिकल दस्तावेज पेश कर बताया था कि वे वायरल फीवर और पेचिश के कारण बेड रेस्ट पर थे, जिसके चलते वे व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हो सके थे। न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय की अदालत ने दस्तावेजों को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद तय की है।
Publish Date: Wed, 02 Sep 2026 04:47:05 PM (IST)Updated Date: Wed, 02 Sep 2026 04:47:05 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्रHighLights
- व्यक्तिगत रूप से पेश न होने पर हुई थी नाराजगी।
- न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करने का लगा था आरोप।
- बीमारी का मेडिकल दस्तावेज पेश करने पर कोर्ट ने दी राहत।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुरः सूरजपुर जिला पंचायत के सीईओ के खिलाफ हाई कोर्ट ने अवमानना संबंधी शो-कॉज नोटिस वापस लिया। सीईओ ने कोर्ट में बताया कि वे 12 से 18 अगस्त 2026 के बीच वायरल फीवर और पेचिश से पीड़ित थे, जिसके कारण वे कोर्ट में उपस्थित नहीं हो सके।
बीमारी के समर्थन में मेडिकल दस्तावेज पेश किए गए, जिन्हें कोर्ट ने स्वीकार किया। यह मामला आरती दुबे मिश्रा बनाम छत्तीसगढ़ शासन से संबंधित है, जिसकी सुनवाई न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय ने की। हाई कोर्ट ने 30 नवंबर 2022 को सीईओ और अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी किया था, लेकिन सीईओ की ओर से कोई प्रतिनिधित्व नहीं हुआ। 28 अप्रैल 2026 को कोर्ट ने राज्य के अधिवक्ता को सीईओ से निर्देश लेने को कहा था।
इसके बाद 28 जुलाई को सीईओ को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। 17 अगस्त 2026 को कोर्ट ने कहा कि सीईओ ने जानबूझकर आदेशों का पालन नहीं किया। इसके बाद शो-कॉज नोटिस जारी किया गया।
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31 अगस्त को सीईओ ने अपना जवाब दाखिल किया, जिसमें उन्होंने बीमारी के कारण बेड रेस्ट पर रहने की जानकारी दी। 1 सितंबर 2026 को कोर्ट ने अवमानना कार्रवाई का नोटिस वापस ले लिया और मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद करने का निर्देश दिया।