• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बिलासपुर

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: शासकीय आयुर्वेद औषधालयों के फार्मासिस्टों को मिला 2006 से 2400 ग्रेड पे का लाभ

छत्तीसगढ़ के शासकीय आयुर्वेद औषधालयों में कार्यरत पांच फार्मासिस्टों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि इन कर्मचारियों को 1 ...और पढ़ें

By Kamlesh RajakEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Wed, 07 Oct 2026 04:27:48 PM (IST)Updated Date: Wed, 07 Oct 2026 04:27:48 PM (IST)
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: शासकीय आयुर्वेद औषधालयों के फार्मासिस्टों को मिला 2006 से 2400 ग्रेड पे का लाभ
प्रतीकात्मक चित्र

HighLights

  1. छत्तीसगढ़ शासन को झटका और आयुर्वेद फार्मासिस्टों को बड़ी राहत।
  2. हाईकोर्ट ने पुराने फैसलों का हवाला देकर याचिका की मंजूर।
  3. हाईकोर्ट ने याचिका मंजूर कर एक अप्रैल 2006 से ग्रेड पे देने का सुनाया फैसला।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के शासकीय आयुर्वेद औषधालयों में कार्यरत पांच फार्मासिस्टों को वेतनमान में ग्रेड पे 2400 का लाभ एक अप्रैल 2006 से मिलेगा। हाई कोर्ट ने पांचों कर्मचारियों की याचिका को पहले दिए गए समान फैसले के आधार पर मंजूर कर लिया है। जस्टिस बिब्हू दत्ता गुरु ने कहा कि इस मामले के तथ्य और कानूनी सवाल पहले ही तय हो चुके हैं, इसलिए अलग दृष्टिकोण अपनाने का कोई कारण नहीं है।

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के रावन और दामखेड़ा तथा कोंडागांव जिले के बोरगांव, शामुर और रंधना स्थित शासकीय आयुर्वेद औषधालयों में पदस्थ देवलाल चेलक, प्रमोद कुमार देवांगन, सुनील कुमार गायकवाड़, महेश कुमार साहू और मनोज कुमार प्रधान ने याचिका दायर की थी।


उन्होंने नियुक्ति की तारीख से संशोधित वेतनमान 5200-20200 रुपये और 2400 रुपये ग्रेड पे देने तथा बकाया राशि ब्याज सहित भुगतान की मांग की थी। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने बताया कि इसी मुद्दे पर हाईकोर्ट ने हरबंश लाल कुर्रे एवं अन्य बनाम छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य में फैसला दिया है।

यह भी पढ़ें- 22 साल से संतान का इंतजार कर रहे दंपती को हाईकोर्ट से राहत, पति की उम्र 55 से ज्यादा होने पर भी IVF की मंजूरी

उस मामले में कोर्ट ने 22 जुलाई 2011 के शासन आदेश, सुप्रीम कोर्ट के समान काम के लिए समान वेतन के सिद्धांत और हाईकोर्ट के 2 अगस्त 2024 के पूर्व फैसले का उल्लेख करते हुए कहा था कि संबंधित कर्मचारियों को 1 अप्रैल 2006 से 5200-20200 रुपये वेतनमान में 2400 रुपये ग्रेड पे का लाभ मिलना चाहिए।

कोर्ट ने बाद में किए गए वेतनमान निर्धारण को बदलते हुए सभी संबंधित सेवा लाभ देने का निर्देश दिया था। वर्तमान मामले में हाई कोर्ट ने पाया कि पांचों याचिकाकर्ताओं का मामला उसी फैसले के समान है। इसलिए उन्हें भी उसी आधार पर राहत दी गई। अदालत ने याचिका 31 अगस्त 2026 के फैसले के अनुरूप मंजूर कर दी।