• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • दिवाली पूजन 2026
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बिलासपुर

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, एनडीपीएस मामले में सीबीआई जांच की मांग सिरे से खारिज

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले की सीबीआई जांच से साफ इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि पुलिस इस मामले में अपनी जांच पूरी कर सक्षम अदालत में चालान पेश कर चुकी है, इसलिए कथित साजिश और बरामदगी जैसे पहलुओं का परीक्षण अब ट्रायल कोर्ट में ही होगा।

By Kamlesh RajakEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Tue, 25 Aug 2026 10:54:58 PM (IST)Updated Date: Tue, 25 Aug 2026 10:54:58 PM (IST)
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, एनडीपीएस मामले में सीबीआई जांच की मांग सिरे से खारिज

HighLights

  1. महिला को झूठा फंसाने के आरोपों पर हाई कोर्ट सख्त।
  2. सरकंडा थाना एनडीपीएस केस में सीबीआई जांच से इनकार।
  3. क्लोनाजेपाम टैबलेट बरामदगी मामले में हाई कोर्ट का स्पष्ट निर्देश।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुरः सरकंडा थाना क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में महिला को झूठा फंसाने के आरोपों पर हाई कोर्ट ने सीबीआइ जांच का आदेश देने से इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कहा कि पुलिस जांच पूरी हो चुकी है और चालान सक्षम अदालत में पेश किया जा चुका है। ऐसे में कथित साजिश और बरामदगी की परिस्थितियां मुख्य रूप से साक्ष्यों के मूल्यांकन से संबंधित हैं, जिनका परीक्षण ट्रायल कोर्ट में होगा।

कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की सीबीआइ जांच, थाना परिसर की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने, पुलिस अधिकारियों के काल डिटेल और मोबाइल लोकेशन मंगाने की मांग भी खारिज कर दी। मामला सरकंडा थाने में दर्ज केस से जुड़ा है, जिसमें महिला के घर से 2,925 क्लोनाजेपाम टैबलेट बरामद की गई थीं।


याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि महिला का पति और एक पुलिस अधिकारी आपस में मिले हुए हैं और पारिवारिक विवाद के कारण महिला को झूठे मामले में फंसाया गया। राज्य की ओर से बताया गया कि पुलिस की जांच में यह सामने आया कि जिस मेडिकल स्टोर को महिला के पति से जोड़ा गया था, वह उसके स्वामित्व में नहीं था। काल डिटेल के विश्लेषण में भी कोई बातचीत नहीं मिली।

यह भी पढ़ें- बिलासपुर हाईवे से हटेंगे बेसहारा मवेशी, हादसों को रोकने के लिए गौधामों में होगी सुरक्षित शिफ्टिंग

डिवीजन बेंच ने कहा कि केवल वैवाहिक विवाद से कथित साजिश साबित नहीं होती। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता उपलब्ध सामग्री और दलीलें ट्रायल कोर्ट के समक्ष रख सकते हैं। महिला को अलग आदेश में नियमित जमानत भी मिली है, लेकिन कोर्ट ने कहा कि जमानत मिलने का तथ्य अभियोजन मामले के गुण-दोष को प्रभावित नहीं करेगा।

एक क्लिक पर पढ़ें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की लेटेस्ट खबरें। Hindi News पढ़ें। MP News, Chhattisgarh news, आज का राशिफल और आज का मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पढ़ें।