
नईदुनिया प्रतिनिधि,बिलासपुर: जिले के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अब और अधिक उच्च गुणवत्ता, स्वच्छता और पौष्टिक तत्वों से भरपूर मध्याह्न भोजन मिल सकेगा। इसके लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से स्कूलों में बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार करने वाली महिला स्व-सहायता समूहों के लिए विशेष 'फासटेक' प्रशिक्षण शिविरों की शुरुआत की गई है, ताकि बच्चों का उचित शारीरिक व मानसिक विकास सुनिश्चित हो सके।
विभाग द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार बिल्हा और मस्तूरी विकासखंड के सभी महिला समूहों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि कोई भी समूह इस प्रक्रिया से वंचित न रहे। इसी कड़ी में 11 सितंबर की दोपहर 12 बजे से आत्मानंद स्कूल, मस्तूरी में यह प्रशिक्षण शिविर लगाया जा रहा है।
बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण स्तर को सर्वोपरि रखते हुए इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य रसोइयों और महिलाओं को भोजन पकाने से लेकर परोसने तक स्वच्छता के तमाम वैज्ञानिक व तकनीकी मानकों से अवगत कराना है। महिलाओं को यह सिखाया जा रहा है कि वे कैसे सुरक्षित तरीकों से भोजन तैयार करें ताकि बच्चों को पूरी तरह स्वच्छ, संतुलित और पौष्टिक आहार प्राप्त हो सके। इसके अलावा, जिन महिला समूहों का खाद्य विभाग में पंजीयन नहीं हुआ है, उनके लिए शिविर स्थल पर ही आनस्पाट पंजीयन की विशेष व्यवस्था भी की गई है।
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क्या है फासटेक
फासटेक भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण द्वारा शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी प्रशिक्षण और प्रमाणन कार्यक्रम है। इसका मुख्य उद्देश्य खाद्य कारोबारियों, रसोइयों और भोजन बनाने वाले समूहों को खाद्य सुरक्षा साफ-सफाई और स्वच्छता के तकनीकी मानकों से प्रशिक्षित करना है। ताकि भोजन की गुणवत्ता सही हो सके।
वर्जन
स्कूली बच्चों को मिलने वाला मध्याह्न भोजन पूरी तरह सुरक्षित और पौष्टिक हो, ताकि उनका उचित शारीरिक विकास संभव हो सके। बच्चों के भोजन निर्माण से जुड़ी महिलाओं को खाद्य सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं और स्वच्छता के नियमों से अवगत कराना बेहद जरूरी है। संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि कोई भी समूह इस प्रशिक्षण से वंचित न रहे।
आरआर देवांगन, अभिहित अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग